किन्नरों को भी लगे टीका, दिल्ली-एनसीआर में अलग से कैंप लगाने की मांग
Transgender coronavirus vaccine: किन्नरों को भी लगे टीका, दिल्ली-एनसीआर में अलग से कैंप लगाने की मांग

दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर में किन्नर समाज के लोगों और सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर इनके लिए अलग से टीकाकरण केंद्र बनाने की मांग की है। उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किन्नरों के लिए अलग से टीकाकरण शिविर लगाने की अपील की है।

नई दिल्ली/नोएडा, संवाददाता। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता और टीकाकरण ही सबसे आवश्यक है। किन्नर समाज को भी टीका लगवाने के लिए अब तक किसी सामाजिक संस्था या सरकार ने पहल नहीं की है। वहीं, दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर में किन्नर समाज के लोगों और सामाजिक संगठनों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को पत्र लिख कर इनके लिए अलग से टीकाकरण केंद्र बनाने की मांग की है। उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किन्नरों के लिए अलग से टीकाकरण शिविर लगाने की अपील की है।

इस बाबत उरूज हुसैन का कहना है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवन और सोनीपत में हजारों की संख्या में किन्नर रहते हैं। ज्यादा लोग इनके प्रति जागरूक नहीं हैं, इसलिए वहां तक नहीं पहुंच पाते और जो लोग मुश्किल से पता कर वहां जाते भी हैं तो अधिकतर किन्नर को देखकर कुछ असुविधा महसूस करते हैं। इसलिए वह चाहते हैं कि उनके लिए अलग से केंद्र बनाए जाएं, ताकि वह भी टीकाकरण अभियान का हिस्सा बन सकें। उरूज बताती हैं कि जिले में करीब दो हजार किन्नर होंगे। एनजीओ की मदद से वह अबतक जिला अस्पताल में 20 लोगों को ही टीका लगवा पाए हैं। जरूरी है कि दिल्ली के साथ इससे सटे शहरों में किन्नरों के लिए अलग से कैंप लगाकर कोरोना का टीका लगवाया जाएगा।

उधर, जेपी अस्पताल के हड्डी रोग और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. संजय गुप्ता के कहा कि आज टीकाकरण हमारा सबसे बड़ा रक्षक है और जन-जन टीकाकरण अभियान समय की मांग है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की विभिन्न वैक्सीन ने 70 से 80 फीसद प्रभावी होने का प्रमाण दिए हैं। लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि वैक्सीन संक्रमण होने से तो नहीं बचा सकती लेकिन मध्यम या गंभीर बीमारी के नुकसान और अस्पताल में भर्ती होने से बचा सकती है। टीकाकरण के संक्रमण के जो मामले सामने आए हैं, उनमें प्रभाव हल्का दिखा और वैक्सीन के दोनों डोज लेने वालों में मृत्यु दर के मामले कम सामने आए हैं। इसलिए सभी को वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए।