राकेश टिकैत पर फूटा लोगों का गुस्सा, किसी ने कहा नकली किसान तो कोई बोला- 'सड़क से कब्जा तो छोड़ो'


Kisan Andolan At UP Border: राकेश टिकैत के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर फूटा गुस्सा, जानें- किसे बताया 'नकली किसान'

 भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ट्वीट पर बड़ी संख्या में लोगों ने तंज कसना शुरू कर दिया है। लोग रिट्वीट कर धरना देने वालों को नकली किसान ठहरा रहे हैं। इसी के साथ सड़क खाली करने की पुरजोर मांग रहे हैं।

नई दिल्ली/गाजियाबाद । तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसानों का सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन जारी है। वहीं, आम जनता में किसान प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता रोककर प्रदर्शन करने के चलते गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait, National Spokesperson of Bharatiya Kisan Union) के ट्वीट पर बड़ी संख्या में लोगों ने तंज कसना शुरू कर दिया है। लोग रिट्वीट कर धरना देने वालों को नकली किसान ठहरा रहे हैं। इसी के साथ सड़क खाली करने की पुरजोर मांग रहे हैं।

बता दें कि राकेश टिकैत की अगुवाई में यूपी गेट पर 28 नवंबर से कृषि कानून विरोधी धरना चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का दिल्ली जाने वाली सभी लेनों पर कब्जा है। इससे लाखों राहगीरों को परेशानी होती है। राकेश टिकैत धरने को लेकर लगातार ट्वीट करते रहते हैं।

रविवार को उन्होंने ट्वीट किया कि बिल वापसी नहीं, तो घर वापसी नहीं। इस पर वैशाली सेक्टर-छह में रहने वाले एनके नेगी ने रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि घर वापसी नहीं तो ठीक है, पर सड़क से कब्जा तो छोड़ दें। सड़कें चलने के लिए हैं, ना कि कब्जा करने के लिए। दूसरी तरफ, राकेश शर्मा ने रिट्वीट करते हुए एक कार्टून पोस्ट किया है। उसमें राकेश टिकैत दिखाए गए हैं। लिखा है कि पल भर के लिए कोई हमसे बात कर ले, झूठा ही सही।

इस कार्टून के माध्यम से तंज कसा गया है कि राकेश टिकैत को पता है कि कानून वापस होने वाला नहीं है। अब वह चाह रहे हैं कि किसी तरह सरकार से बात करके अपनी इज्जत बचाकर धरना समाप्त कर दें। इतना ही नहीं दिलीप शर्मा नामक व्यक्ति रिट्वीट किया है कि असली किसान खेतों में है। वह खुद किसान हैं। नकली किसान रास्ता रोककर कोरोना फैला रहे हैं। देश को मुसीबत में डाल रहे हैं।विजय सरदाना ने रिट्वीट किया है कि किसान फल-सब्जी नहीं बेच पा रहे हैं, उनकी तो मदद करो। यह चंद रिट्वीट तो उदाहरण मात्र हैं। ऐसे तमाम लोगों ने रिट्वीट कर सड़क जाम करके धरना देने को गलत ठहराया है।