लॉकडाउन में अपने घर हजारीबाग पहुंचे 'भाबी जी घर पर हैं' के मास्टरजी, बोले- अच्‍छे संस्‍कार होना जरूरी

Bhabi Ji Ghar Par Hai, Jharkhand Hazaribagh News हजारीबाग में विजय कुमार सिंह।

 एनएसडी उत्तीर्ण विजय सिंह हजारीबाग के केरेडारी लोइसुकवार निवासी हैं। लगे रहो मुन्ना भाई सहित कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे अपने परिवार को योगा की सीख दे रहे हैं।

हजारीबाग,  लोगों को टीवी सीरियल भाबी जी घर पर है के संस्कारी मास्टरजी का चर्चित डायलॉग तुम्हारे अंदर संस्कार नाम की चीज नहीं है क्या... अवश्य याद होगा। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि सीरियल में इस चरित्र को जीवंत करने वाले कलाकार विजय कुमार सिंह हजारीबाग जिले के लोइसुकवार गांव के निवासी हैं। एनएसडी यानि नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा उत्तीर्ण यह कलाकार वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लाॅकडाउन के दौरान विगत कुछ दिनों से अपने पैतृक गांव आए हुए हैं।

इस दौरान रविवार को वह हजारीबाग के सिंगर शान सैयद के चिश्तिया मुहल्ला स्थित आवास पर पहुंचे। इस अवसर पर धनजंय कुमार, मुकेश प्रजापति आदि भी मौजूद थे। इस दौरान दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान उन्‍होंने अपने जीवन से जुड़ी कुछ यादों को साझा किया। बताया कि मूल रूप से मैं केरेडारी के लोइसुकवार गांव का निवासी हूं। डीएवी रजरप्पा से स्कूलिंग हुई है। मारवाडी काॅलेज रांची से स्नातक किया है। बचपन से ही अभिनय का शौक था।

इस दौरान छोटे-मोटे कार्यक्रमों में भाग लेता रहा। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली से स्नातक करने के बाद इसे करियर के रूप में अपना लिया। कुछ कंपनियों से नौकरी का ऑफर आया, मगर मुुझे पाबंदिया पसंद नहीं थी। कई टीवी सीरियल में काम करता रहा। इनमें चिड़िया घर, लापतागंज आदि प्रमुख हैं। मगर मुझे असली पहचान भाभीजी घर पर है सीरियल से मिली। लगे रहो मुन्ना भाई सहित कुछ अन्य फिल्‍मों में भी काम कर चुका हूं। युवाओं में करियर को लेकर कंफ्यूजन के बारे में कहा कि उन्हें अपने पसंद का वैसा क्षेत्र अपनाना चाहिए जिसमें उनकी रुचि के साथ-साथ प्रतिभा भी हो।

इंसान में अपनी प्रतिभा की पहचान जरूरी है। बच्चों में शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी होने चाहिए। इसकी तालीम स्कूलों से अधिक उनके घर परिवार से ही मिलती है। कहा कि यही कारण है कि एक्टिंग और बॉलीवुड से जुड़े होने के बाद भी मैं अपनी माटी और परिवार से अलग नहीं हूं। बताया कि कोविड को लेकर जारी लॉकडाउन के दौरान मैं अपने गांव आया हुआ हूं। इस दौरान परिवार संग समय बिताने का मौका मिला है। साथ ही सभी के साथ योगा करने में भी समय बिताता हूं।