कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने आइईडी को ढूंढ निष्क्रिय बनाया

अवंतीपोरा पुलिस, सेना की 55 आरआर और 185 बीएन सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस अभियान को कामयाब बनाया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण कश्मीर के पंजगाम गांव में सुरक्षा बलों ने एक विशेष इनपुट के आधार पर रेलवे रोड की ओर जाने वाली सड़क के पास से एक आईईडी का पता लगाया। बम निष्क्रिय दस्ते ने इसे सुरक्षित जगह पर ले जाकर निष्क्रिय कर दिया।

श्रीनगर,  सुरक्षाबलों ने एक बार फिर कश्मीर में बड़े आतंकी हमले को नाकाम बना दिया है। सुरक्षाबलों की सतर्कता के कारण आज एक बार फिर आतंकियों की आइईडी विस्फोट की साजिश को नाकाम बना दिया गया है। सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकवादियों ने यह बम विस्फोटक सामग्री 10 लीटर क्षमता वाले एक कंटनेर में लगाई थी।यदि ये हमला कामयाब हो जाता है तो सुरक्षाबलों के साथ-साथ इलाके में आसपास रहने वाले लोगों को भी इससे जानमाल को नुकसान होता।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण कश्मीर के पंजगाम गांव में सुरक्षा बलों ने एक विशेष इनपुट के आधार पर रेलवे रोड की ओर जाने वाली सड़क के पास से एक आईईडी का पता लगाया। विस्फोटक सामग्री का पता लगाकर सेना के बम निष्क्रिय दस्ते ने इसे सुरक्षित जगह पर ले जाकर निष्क्रिय कर दिया। अवंतीपोरा पुलिस, सेना की 55 आरआर और 185 बीएन सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस अभियान को कामयाब बनाया है। 

आतंकवादियों ने पंजगाम इलाके में आइईडी लगाई है, इस बात की सूचना सुरक्षाबलों को पहले ही मिल गई थी। सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की और आइईडी की तलाश शुरू कर दी। सड़क के पास ही सुरक्षाबलों को एक संदिग्ध कंटेनर मिला। 10 लीटर क्षमता वाले इस कंटेनर में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) था। विस्फोटक का पता चलते ही सेना के बम निष्क्रिय दस्ते को बुलाया गया।

सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई और फिर विस्फोटक को बड़े ही सुरक्षित ढंग से निष्क्रिय बना दिया गया। जम्मू और कश्मीर पुलिस के आइजीपी ने एक बार फिर पुलिस व सुरक्षाबलों को बधाई देते हुए कहा कि आज उनकी सतर्कता के कारण एक बार फिर आतंकियों की बड़ी साजिश को नाकाम बना दिया गया है।उन्होंने यह भी बताया कि आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।

आइजीपी ने कहा कि आइईडी कश्मीर में सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। खासकर कश्मीर के दक्षिण में जहां कई आतंकवादी सक्रिय हैं। वे इस तरह के हमलों की फिराक में रहते हैं। परंतु पुलिस, सेना व सीआरपीएफ इस खतरे से निपटने के लिए हमेशा तैयार हैं। पूरी सावधानी भी बरती जा रही है।

आपको बता दें कि इसी साल 16 फरवरी को भी आतंकवादियों ने बिजबिहाड़ा के पजलपोरा इलाके में सीआरपीएफ के गश्ती दल के पास रिमोट कंट्रोल डिवाइस का उपयोग करके आइईडी ब्लास्ट किया था। सौभाग्य से इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ था। वहीं जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक, दिलबाग सिंह ने दक्षिण कश्मीर के दो संवेदनशील जिलों का दौरा करने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो लोग घाटी में अशांति फैलाने की इच्छा रख्ते हैं, उन्हें न बख्शें। उन्हें सबक सिखाने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाएं।