रेवाड़ी: देर रात बछड़े को जन्म देते ही कुत्तों ने दोनों पर बोल दिया हमला, फिर डीसी ने जो किया सभी कह रहे वाह

 

शहर के सेक्टर तीन में गाय ने दिया था बछड़े को जन्म, कुत्तों के झुंड ने बोल दिया था हमला

शहर के सेक्टर तीन स्थित एक खाली प्लाट में गाय ने बछड़े को जन्म दिया है। तभी नवजात बछड़े पर कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया। किसी तरह से आसपास के लोगों ने बछड़े को बचाया हैलेकिन अधिक समय तक रखवाली करना संभव नहीं था जानें तब क्या हुआ।

रेवाड़ी। रात के 12 बजे थे। उपायुक्त यशेंद्र सिंह के वाट्सएप पर किसी व्यक्ति ने सूचना डाली कि शहर के सेक्टर तीन स्थित एक खाली प्लाट में गाय ने बछड़े को जन्म दिया है। मुसीबत यह है कि नवजात बछड़े पर कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया है। किसी तरह से आसपास के लोगों ने बछड़े को बचाया है लेकिन अधिक समय तक यूं रखवाली करना संभव नहीं इसलिए अगर शीघ्र ही बछड़े को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया तो उसकी जान जानी तय है।

मैसेज आते ही अलर्ट हुए उपायुक्त

मोबाइल पर आए इस मैसेज ने उपायुक्त की नींद उड़ा दी। उन्होंने रात 12 बजे ही नगर परिषद के अधिकारियों को कहा कि वह तुरंत प्रभाव से उक्त स्थान पर पहुंचें और बछड़े तथा गाय दोनों को गोशाला में पहुंचवाए। रात साढ़े 12 बजे उपायुक्त के आदेश पर नगर परिषद की टीम कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। तुरंत ही गाय व उसके बछड़े को वाहन में बैठाकर धारूहेड़ा गोशाला में पहुंचाया गया। सुबह जिस किसी भी व्यक्ति को इस बात की जानकारी मिली वह उपायुक्त के प्रयासों की सराहना किए बगैर रह न सका।

गोशाला पहुंचने तक लगातार बातचीत करते रहे उपायुक्त

कोरोनाकाल में उपायुक्त यशेंद्र सिंह के प्रयास किसी से छिपे नहीं है। आक्सीजन की कमी हो या फिर अस्पतालों में कोविड मरीजों से अधिक पैसे लेने का मामला, उपायुक्त ने दिन और रात मानिटरिंग करके सारी व्यवस्था को पटरी पर लाने का काम किया है। इसी कड़ी में मानवता की एक और मिसाल उन्होंने उस समय कायम की जब रात 12 बजे एक बछड़े की जान खतरे में पड़ने की जानकारी उनतक पहुंची।

पूरे आपरेशन के दौरान फोन पर बात करते रहे अधिकारी

सेक्टर तीन निवासी किसी व्यक्ति का मैसेज मिलते ही उपायुक्त ने नगर परिषद के साथ ही माडल टाउन थाना पुलिस को भी नवजात बछड़े की जान बचाने के लिए कहा। टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां दर्जनभर से अधिक कुत्ते घात लगाकर बैठे हुए थे। ऐसे में रात को ही वाहन मंगवाया गया तथा गाय व उसके नवजात बछड़े को वाहन से गोशाला में पहुंचाया गया। अहम बात यह रही कि जितने समय तक बछड़े व गाय को बचाकर ले जाने का यह अभियान चला उतने समय तक उपायुक्त लगातार नप अधिकारियों के संपर्क में रहे।