कोरोना संकटकाल में आगे आए कश्मीरी कारोबारी, मदद के लिए बनाया "यू आर नाट एलोन"

 

राशन, दवाएं व जरुरत का अन्य सामान प्रदान किया जा रहा है बल्कि आवश्यक्तानुरुप मदद भी की जा रही है।

नाम रखा है- यू आर नाट एलोन (वाईएएनए)। इस पहल के तहत न सिर्फ राशन दवाएं व जरुरत का अन्य सामान प्रदान किया जा रहा है बल्कि आवश्यक्तानुरुप कुछ नकद मदद भी की जा रही है।उल्लेखनीय है कि कोरोना लॉकडाउन के कारण वादी में लगभग सभी कारोबारी गतिविधियां ठप हैं।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। खुद को अकेला और असहाय मत समझो। यह मुश्किल दौर आसानी से कट जाएगा, बस सिर्फ एक दूसरे के लिए हाथ बढ़ाना है। इसी भावना के साथ कश्मीर में कारोबारी जगत से जुड़े लोगों ने कोरोना संक्रमण से उपजे हालात में भुखमरी के कगार पर जा पहुंचे रेहड़ी-फड़ी वालाें शिकारावालों, सेल्समैन, बस चालक और कंडक्टर व उन जैसे अन्य मेहनतकश लोगों की मदद के लिए एक पहल की है। नाम रखा है- यू आर नाट एलोन (वाईएएनए)। इस पहल के तहत न सिर्फ राशन, दवाएं व जरुरत का अन्य सामान प्रदान किया जा रहा है बल्कि आवश्यक्तानुरुप कुछ नकद मदद भी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना लॉकडाउन के कारण वादी में लगभग सभी कारोबारी गतिविधियां ठप हैं। होटल व रेस्तरां बंद होने से सैंकड़ों की तादाद में वेटर, रसोईए, चौकीदार बेरोजगार हो चुके हैं। बस और मिनीबस चालकों व कंडक्टरों के अलावा आटो रिक्शाचालक भी बेकार बैठे हैं। पर्यटकों की आमद ठप होने से शिकारावाले और अन्य लोग भी बेकार झेल रहे हैं। रेहड़ी पर सामान बेचने वाले भी घरोें में ही सीमित हो चुके हैं। कई कारखानें बंद पड़े हुए हैं। विभिन्न दुकानों और निजी कंपनियों के सेल्समैन भी नौकरी से वंचित हुए हैं।

यू आर नाट एलोन के मुख्य संयोजक नासिर हमीद खान ने कहा कि होटल, रेस्तरां, फैक्टरी, बाजार एसोसिएशनें, टूरिस्ट आप्रेटर फैडरेशन, जम्मू कश्मीर शॉल एक्सपोर्टर एसोसिएशन, चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज समेत कश्मीर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों नेे मिलकर यह प्रयास किया है। मकसद सिर्फ लॉकडाउन से प्रभावित हुए लाेगों की मदद करना है।उन्होंने कहा कि कारोबारी जगत से जुड़े इस समय सैंकड़ों लोग बेकार हो चुके हैं, कईयों के घर में राशन नहीं है और वह किसी से मांग भी नहीं सकते। कईयों के पास दवा तक के पैसे नहीं हैं।

ऐसे लाेगाें तक पहुंचकर उनकी मदद करने लिए ही यह मंच बनाया गया है। हालांकि कई बड़े उद्योगपति आैर व्यापारी व अन्य कई लोग निजी तौर पर कोरोना लॉकडाउन से प्रभावितों की मदद कर रहे हैं, लेकिन विभिन्न व्यावसायों से जुड़े लोगों की मदद के लिए काेई तयशुदा व्यवस्था नहीं है। इसलिए हमने विभिन्न कामधंधों से जुड़े प्रभावितों को अलग अलग वर्गीकृत कर उनकी मदद करन का फैसल किया है। हम विभिन्न स्रोतों और साधनों से आवश्यक राहत सामग्री एक जगह जमा कर रहे हैं और फिर उसे बेरोजगार हुए चालकों, रेहड़ी-फडी वालों, सेल्समैन, शिकारावाले, स्लेज वाले, खानसामों व उन जैसे अन्य लोगों में वितरित कर रहे हैं। इसके साथ ही हम इन लोगों की कोविड जांच को भी सुनिश्चित बनाने में जटे हुए हैं। अगर किसी को आर्थिक मदद चाहिए तो वह भी की जा रही है।

नासिर हमीद खान ने कहा कि कारोबारी गतिविधियों के ठप होेने से कश्मीर की अर्थव्यवस्था को बहुत नुक्सान हुआ है। यहां हजारों की तादाद में लोेग बेराजगार हो चुके हैं। किसी का ध्यान इनकी तरफ नहीं है। इनमें से अधिकांश भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। कईयों के परिजन बीमार भी हैं और उनके पास दवा के लिए पैसा नहीं है।। उन्होंने कहा कि हम लोग कोरोना संक्रमितों की भी मदद कर रहे हैं। उनके लिए आक्सीजन कंसनट्रेटर्स, पीपीई किट, भोजन के पैकेट इत्यादि उपलब्ध कराए जा रहे हैं।