हरियाणा में कोरोना मरीजों को लूट रहे निजी अस्पताल, जांच में बड़े खुलासे

 

हरियाणा में निजी अस्‍पताल कोरोना मरीजाें के इलाज का तीन गुना बिल थमा रहे हैं। (फाइल फोटो)

हरियाणा में कोरोना वायरस के कारण आम लोग परेशान हैं और काफी संख्‍या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। दूसरी ओर कई निजी अस्‍पतालों में कोरोना मरीजाें से इलाज के नाम पर लूट हो रही है। उनको तीन गुना तक बिल थमाए जा रहे हैं।

चंडीगढ़, कोरोना मरीजों के उपचार के नाम पर कई निजी अस्पताल मजबूरी का फायदा उठाकर निर्धारित राशि से तीन गुणा पैसा वसूल रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर तीन गुना बिल वसूले जा रहे हैं। दवाइयों के लिए भी बाजार दर से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। खासकर सरकारी कर्मचारियों के इलाज में मनमर्जी के बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे सरकार को भी मोटी चपत लग रही है।

सरकारी कर्मचारियों के इलाज में मनमर्जी के बिल थमा सरकारी खजाने को लगाया जा रहा चूना

हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इस पर एक्शन लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे प्रदेश के निजी अस्पतालों की बिलिंग का आडिट कराने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र लिखा है। साथ ही दोषी अस्पतालों के लाइसेंस रद कर कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में हुआ उजागर हुआ खेल

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्‍ता ने बताया कि उनके पास निजी अस्पतालों में निर्धारित राशि से ज्यादा वसूली की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं। पंचकूला के सीएमओ, एसएमओ, वरिष्ठ चिकित्सकों सहित फार्मेसी काउंसलिंग के सदस्य की कमेटी बनाकर जब एक निजी अस्पताल में बिलिंग चार्जिंग की जांच कराई तो उसमें काफी अंतर मिला।

उन्‍होंने बताया कि जोग ध्यान नामक मरीज को 7.69 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। उनके हस्तक्षेप के बाद यह राशि घटकर 2.90 लाख रुपये हो गई है। इसके साथ ही दो सरकारी कर्मचारियों के 11-11 लाख रुपये से ज्यादा के बिल बनाए गए हैं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।

 30 रुपये का सर्जिकल गलब्‍स देते 90 रुपये में

बिलों की जांच की गई तो उनमें काफी खामियां मिली। वेंटीलेटर पर मरीज से दो आक्सीमीटर का चार्ज वसूला गया। सर्जिकल गलव्स की कीमत 30 से 40 रुपये की है, जिसके 90 रुपये चार्ज किए गए। प्लाज्मा प्रोटीन की कीमत बाजार में 3500 रुपये है, जिसके लिए छह हजार रुपये वसूले गए। गलव्स का डिब्बा बाजार से 400 रुपये में मिलता है, जिसके 1200 रुपये वसूले गए।

ऐसे चलता है ओवरचार्ज वसूली का खेल

हरियाणा फार्मेसी काउंसिलिंग के सदस्य बीबी सिंघल ने बताया कि ज्यादातर प्राइवेट अस्पताल मरीजों को ब्रांडिड कंपनियों की दवाइयां लेने के लिए लिखते हैं। यह दवाइयां उन्हीं अस्पतालों की फार्मेसी से ही मिलती हैं, जबकि बाजार में उसी साल्ट की दवा की कीमत तीन गुणा कम है। निजी अस्पतालों में निर्धारित मूल्य ही चार्ज किया जाता है। इसके अतिरिक्त भी कई अन्य दवाइयां व स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर कई प्रकार के फिजूल चार्ज वसूले जाते हैं।

इस रेट से ज्यादा अस्पताल वसूलें तो करें शिकायत

हरियाणा में निजी अस्पतालों में इलाज तथा एंबुलेंस सेवा के रेट तय हैं। मान्यता प्राप्त अस्पतालों में आइसोलेशन बेड का 10 हजार रुपये, बिना वेंटीलेटर के आइसीयू बेड का 15 हजार रुपये तथा वेंटीलेटर युक्त आइसीयू बेड का 18 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से रेट तय है। बिना मान्यता प्राप्त अस्पतालों में आइसोलेशन बेड का आठ हजार रुपये, बिना वेंटीलेटर के आइसीयू बेड का 13 हजार रुपये तथा वेंटीलेटर युक्त आइसीयू बेड का 15 हजार रुपये प्रतिदिन रेट है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अस्पतालों के लिए भी संशोधित दरें निर्धारित हैं। बिना मान्यता प्राप्त अस्पतालों में सामान्य वार्ड के लिए 2160 रुपये प्रतिदिन तथा मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए 2400 रुपये प्रतिदिन रेट तय है। बिना मान्यता प्राप्त अस्पतालों में एचडीयू श्रेणी के वार्ड के लिए 3240 रुपये तथा मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए 3600 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है।बिना मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बिना वेंटीलेटर के आइसीयू बेड के लिए 4320 रुपये प्रतिदिन तथा मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए 4800 रुपये प्रतिदिन तय है। बिना मान्यता प्राप्त अस्पतालों में वेंटीलेटर युक्त आइसीयू बेड के लिए 5400 रुपये तथा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में 6000 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है। एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस के लिए 30 रुपये प्रति किलोमीटर, बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस के लिए 15 रुपये प्रति किलोमीटर और 10 किलोमीटर के स्थानीय क्षेत्र के लिए सिर्फ 500 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

प्राइवेट अस्पतालों की शिकायत आई तो छोडूंगा नहीं : विज

'' हमने कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में रेट तय कर रखे हैं। इससे अधिक वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे बशर्ते यदि कोई अधिक पैसे वसूलने की शिकायत हमारे सामने करेगा। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने भी पंचकूला में प्राइवेट अस्पताल द्वारा अधिक रेट वसूलने की बाबत मुझसे बात की थी। इस बारे में स्पीकर ने पत्र भी लिखा है। उनका पत्र आने के बाद नियमानुसार ऐसे तमाम प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।