नवजोत सिंह सिद्धू का अमरिंदर सिंह पर तीखा हमला, कैप्टन का वीडियो शेयर कर लिखा- ऊंची दुकान, फीका पकवान
कैप्टन अमरिंदर सिंह व नवजोत सिंह सिद्धू की फाइल फोटो।

नवजोत सिंह सिद्धू व कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच जुबानी जंग बढ़ने लगी है। नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर कैप्टन को बेअदबी मामले में घेरा। कैप्टन का वीडियो शेयर कर उन्होंने लिखा ऊंची दुकान फीका पकवान।

 चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक-दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। बेअदबी मामले में कैप्टन के जवाब के बाद सिद्धू ने उनका एक वीडियो शेयर किया है। इसमें दो क्लिप हैं। एक 2016 की है और दूसरी हाल ही की है। इसमें कैप्टन के बेअदबी कांड पर परस्पर विरोधी बयान सुनाई दे रहे हैं।

सिद्धू ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा है- 'ऊंची दुकान, फीका पकवान। शोर ज्यादा और नतीजा कुछ नहीं।' 2016 के वीडियो में चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को लेकर अकाली दल को जिम्मेदार ठहराते दिखाई दे रहे हैं। वह कह रहे हैं, 'जब सत्ता में आएंगे तो इस केस की जांच करवाएंगे और आप देखेंगे कि बादल इसमें दोषी निकलेंगे। उन्होंने बरगाड़ी में गोली चलवाई थी, मैं जाकर आया था वहां। दो बंदे मर गए और दो की रीढ़ की हड्डी में से गोली निकल गई। एक का हाथ उड़ गया। एक के माथे को चीरती हुई गोली निकल गई। इसका हुक्म किसने दिया था। एसपी ने दिया था। एसपी को किसने हुक्म दिया था, मुख्यमंत्री ने।'

दूसरी क्लिप में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू की बादलों को अंदर करने की मांग पर बोल रहे हैं। वह कह रहे हैं, 'अब ये कह रहे हैं कि इनको अंदर कर दो। ऐसे कैसे मैं इनको अंदर कर सकता हूं। यह तो जट्टाशाही सोच है। मैं केवल एसआइटी गठित कर सकता हूं। उसमें दखल नहीं दे सकता। वह क्या रुख लेगी। मैं नहीं कह सकता एसआइटी को कि ऐसा करो, ऐसा न करो। ऐसा न मैं कह सकता हूं न ही डीजीपी या हमारा एजी कह सकता है। वह पूर्ण तौर पर निष्पक्ष है।'

कांग्रेस में मचा है घमासान

गौरतलब है कि नवजोत सिद्धू बेअदबी मामले में लगातार कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कार्रवाई न करने को लेकर हमला बोल रहे हैं। उनके करीबी विधायक परगट सिंह ने इस मामले में उनका साथ दिया है। कांग्रेस के कई अन्य नेता, जिनमें राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा, शमशेर सिंह दूलो आदि भी कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। पार्टी अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस मुद्दे पर इस्तीफा भी दे दिया था। हालांकि, कैप्टन ने इसे नामंजूर कर दिया था।