ममता बनर्जी बोलीं, चक्रवात यास के लिए कोई राहत पैकेज नहीं मिला
ममता बनर्जी बोलीं, चक्रवात यास के लिए कोई राहत पैकेज नहीं मिला। फाइल फोटो

ममता बनर्जी ने चक्रवात यास पर सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हमें चक्रवात के लिए कोई राहत पैकेज नहीं मिला और न ही हमने इसके लिए कहा है। ममता ने कहा कि मैंने (चक्रवात यास प्रभावित) दीघा का दौरा किया है।

कोलकाता, एएनआइ। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने चक्रवात यास पर सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हमें चक्रवात के लिए कोई राहत पैकेज नहीं मिला और न ही हमने इसके लिए कहा है। ममता ने कहा कि मैंने (चक्रवात यास प्रभावित) दीघा का दौरा किया है, यहां मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय की जिम्मेदारी है। मछुआरों के मुआवजे के बारे में सोचा जाना चाहिए। बैठक में मौजूद मुख्य सचिव भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि बंगाल में चक्रवात यास से काफी नुकसान हुआ है। गत दिनों पीए नरेंद्र मोदी ने बंगाल के चक्रवात यास से प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। 

इधर, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय को कार्यमुक्त करने व दिल्ली भेजने से इन्कार कर दिया है। ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बाबत पत्र लिखकर साफ कहा है कि बंगाल सरकार ऐसे मुश्किल दौर में अपने मुख्य सचिव को कार्यमुक्त नहीं कर सकती है। केंद्र ने 28 मई को राज्य सरकार को पत्र लिखकर मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय को कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया था। साथ ही अलापन को 31 मई की सुबह 10 बजे तक दिल्ली में कार्मिक मंत्रालय में रिपोर्ट करने को कहा गया था। वहीं, ममता ने पीएम को लिखे पत्र में कहा, 'बंगाल सरकार ऐसी मुश्किल घड़ी में अपने मुख्य सचिव को रिलीव नहीं कर सकती और न ही ऐसा कर रही है।'

ममता ने पीएम से केंद्र के इस फैसले को वापस लेने, पुनर्विचार करने और आदेश को तत्काल रद करने का अनुरोध किया है। इधर, सूत्रों के अनुसार बंगाल सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही है। बंद्योपाध्याय दिल्ली नहीं जा रहे हैं। केंद्र ने बंद्योपाध्याय को दिल्ली बुलाने का आदेश चक्रवात यास पर पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बैठक में देर से पहुंचने के कुछ घंटों के बाद दिया था। 31 मई को ही बंद्योपाध्याय मुख्य सचिव पद से रिटायर्ड हो रहे थे लेकिन राज्य में कोविड-19 महामारी से निपटने में मदद के लिए राज्य सरकार के अनुरोध पर 24 मई को बंद्योपाध्याय का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था। इस बीच केंद्र ने उन्हें दिल्ली बुला लिया।