न्‍यूजीलैंड के कैंटरबरी क्षेत्र में आई भारी बारिश और बाढ़ से हालात हुए गंभीर, कई पुल भी टूटे

 


न्‍यूजीलैंड के कैंटरबरी में भारी बारिश के बाद हालात खराब

न्‍यूजीलैंड के केंटरबरी क्षेत्र में आई जबरदस्‍त बाढ़ के चलते कई लोगों को सफलतापूर्वक बचाया गया है। इस काम में सेना के अलावा हेलीकॉप्‍टर की भी मदद ली गई है। भारी बारिश और बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने स्‍टेट इमरजेंसी की घोषणा की है।

वेंलिंगटन (एपी)। न्‍यूजीलैंड के कैंटरबरी क्षेत्र में आई लगातार हुई तेज बारिश के बाद स्थिति गंभीर हो गई है।न्‍यूजीलैंड में आई भारी बारिश और बाढ़ में कई पुल टूट गए हैं। इस बारिश की वजह से नदियों का जलस्‍तर काफी ऊपर चला गया है जिस वजह से कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं मौसम वैज्ञानी माना रहे हैं कि ऐसा 100 वर्षों में एक बार हो सकता है। भारी बारिश और बाढ़ के बीच राहतकर्मियों ने 250 लोगों को घरों से सुरक्षित स्‍थानों तक पहुंचाया गया है। क्राइस्‍टचर्च और देश का सबसे बड़ा शहर कैंटरबरी इससे बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सकूलों को बंद कर दिया गया है। एक हजार से अधिक घरों की बिजली काट दी गई है। भारी बारिश की वजह से तापमान में भी काफी गिरावट आई है। देश में कई जगहों पर रेल लेवल वार्निंग भी जारी की गई है।

इस क्षेत्र में आई भयंकर बाढ़ के बाद सैकड़ों लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्‍थानों पर ले जाया गया है। इसके लिए प्रशासन ने हेलीकॉप्‍टर का इस्‍तेमाल किया गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने यहां पर स्‍टेट इमरजेंसी की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि यहां के कुछ इलाकों में तो 40 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार शाम तक इलाके में तेज बारिश की आशंका के मद्देनजर लोगों को चेतावनी भी जारी की है। मौसम विभाग मुताबिक शाम के बाद हालात में कुछ सुधार की संभावना है।

इलाके में आई बाढ़ के बाद लोगों को यहां से सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाने के लिए सेना की मदद ली गई थी। सेना की मदद से करीब 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया। एजेंसी ने सेना के हवाले से बताया है कि मुताबिक बाढ़ से बचने के लिए एक शख्‍स पेड़ पर चढ़ गया था, लेकिन बाद में तैरकर पार होने की उम्‍मीद में उसने पानी में छलांग लगा दी वो तेज बहाव में बह गया। सेना के हेलीकॉप्‍टर ने इस शख्‍स के लिए करीब 30 मिनट से अधिक समय तक अभियान चलाया, तब कहीं जाकर उसकी जान बचाई जा सकी। ऐसे ही बाढ़ से घिरी एक कार की छत से एक बुजुर्ग दंपत्ति को भी हेलीकॉप्‍टर से सुरक्षित बचा लिया गया।

आर्मी के लाएजन ऑफिसर केप्‍टन जेक फैबर ने बताया है कि पूरी रात लोग खुद को बचाए जाने और सु‍रक्षित जगहों पर पहुंचने का इंतजार करते रहे। पूरी रात लोगों को बचाने का अभियान जारी रहा। बाढ़ की वजह से कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, जो बेहद दुखदायी है। उन्‍होंने बताया कि एक सिविलियन हेलीकॉप्‍टर पायलट ने भी एक व्‍यक्ति को बचाया है। ये व्‍यक्ति बचने के लिए हाथ-पांव मार रहा था। पायलट ने उसका हाथ खींचकर उसकी जान गंवाई। पॉल एडम ने न्‍यूज ऑर्गेनाइजेशन स्‍टफ को बताया है कि वो पानी के तेज बहाव से बहे जा रहे थे। बाद में वो एक फैंस को पकड़ने में कामयाब रहे। इसके बाद वो एक पेड़ को पकड़कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। एक दूसरे व्‍यक्ति ने अपनी जान हैडलैंप के जरिए बचाई। बाद में उसको रेस्‍क्‍यू कर लिया गया है।

एडम ने खुद को बचाने वाले बचावकर्मी की जमकर तारीफ भी की है। उन्‍होंने बताया कि वो अब अच्‍छा महसूस कर रहे हैं। हालांकि इस बाढ़ में उनकी ज्‍यादातर भेड़ बह गईं और वो 250 में से 100 को ही वापस पा सके। आस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्‍कॉट मॉरिसन, जो न्‍यूजीलैंड के दौरे पर थे, ने बताया कि वो फिलहाल बाढ़ में फंसे लोगों के बारे में सोच रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि आस्‍ट्रेलिया के लिए आग, बाढ़ और चक्रवाती तूफान कोई अजीब बात नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि दोनों ही देश इन समस्‍याओं का सामना करते रहे हैं। हाल के कुछ वर्षों में इस तरह की चुनौतियों का सामना देानों देशों को अधिक करना पड़ा है। न्‍यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा एंड्रन की योजना सोमवार को हालात का जायजा लेने के बाद क्राइस्‍टचर्च जाने की है।