जम्मू के बागवानों के समर एपल से महकेगी अयोध्या में राम लला की बगिया

 

जम्मू संभाग के हर जिले में इन सेबों के बाग हैं।

कुछ दिन पहले लिखे इस पत्र अभी जवाब नही आया है। किसानों को बड़ी उम्मीद है कि उन्हें जल्द अयोध्या जाने का मौका मिलेगा। डा केसी शर्मा का कहना है कि सेब का बाग लगाने का सारा खर्च हमारा होगा। पौधे तेरह महीनों में फल देने योग्य हो जाएंगे।

जम्मू : अयोध्या में राम लला की बगिया को गर्मियों में सेबों के पेड़ाें से महकाने के लिए जम्मू के बागवान तैयार हैं। इंतजार है कि 46 डिग्री तापमान में लूह के थपेड़े सहकर मीठे सेब पैदा करने वाले हरमन 99 समर एपल के पौधे लगाने के लिए अयोध्या से बुलावा आए। 

जम्मू के सैकड़ों कनाल जमीन पर इस समय लगे सेब के फले पौधे गवाह हैं कि अब यह फल अब सिर्फ ठंडी वादियों तक ही सीमित नही है। किसान इतने उत्साहित हुए कि उन्होंने ये पाैधे अयोध्या में श्री राम के भव्य मंदिर की बगिया में लगाने का सपना देख डाला। करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक श्री राम मंदिर की बगिया में समर एपल के पाैधे लगा हमें पुण्य का भागीदार होने का मौका दें। देश, विदेश से इस भव्य मंदिर में आने वाले राम भक्त 46 डिग्री तापमान में फल देने वाले सेबों के बाग की शान भी देखेंगे। यह पत्र हर घर में सेब का पेड़ देखने का सपना रखने वाले सर्जन स्पेशलिस्ट डा केसी शर्मा ने श्री राम मंदिर शिलान्यास समिति के अध्यक्ष को लिखा है।

कुछ दिन पहले लिखे इस पत्र अभी जवाब नही आया है। किसानों को बड़ी उम्मीद है कि उन्हें जल्द अयोध्या जाने का मौका मिलेगा। डा केसी शर्मा का कहना है कि सेब का बाग लगाने का सारा खर्च हमारा होगा। पौधे तेरह महीनों में फल देने योग्य हो जाएंगे। हमने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को भी इस बारे में लिखा था, छह घंटों में जवाब आया था, कि हम पूरा सहयोग देंगे।

डा केसी शर्मा के सहयोग से जम्मू संभाग में कुछ किसानों ने अपने खेतों में सपर एपल लगाया था। कुछ धार्मिक संस्थाओं ने भी अपनी जमीन पर बाग लगाने की इजाजत दी थी। कुछ सालों में से पेड़ फलने लगे व डा केसी शर्मा ने उन्हें कटिंग से नए पेड़ तैयार करने में भी दक्ष कर दिया है। अब ये नए पेड़ जम्मू काे देश में विशिष्ट पहचान देंगे। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए अब जम्मू के पर्यावरणविद्ध व सेना के सेवानिवृत मेजर जनरल गोवर्धन सिंह जम्वाल ने जम्मू संभाग की शिवालिक पहाडियों में समर एपल के पौधे लगाकर किसानाें के आर्थिक स्तर को बेहतर बनाने का लक्ष्य तय किया है।हरमन 99 सेब की किस्म हिमाचल प्रदेश के हरिमन शर्मा ने विकसित की है। इसके शौध में डा केसी शर्मा ने भी योगदान दिया है। अब वह इस सेब को विशिष्ट पहचान दिलाने की राह पर हैं। उनका कहना है कि हमनें अब तक जम्मू संभाग में एक लाख से अधिक हरमन एपल लगाए हैं, पौधे इस समय सेबों से लदे हुए हैं। लोग फले हुए पौधे के फोटो मुझे भेजते हैं तो मेरी हिम्मत बढ़ती है। जम्मू संभाग के हर जिले में इन सेबों के बाग हैं।

डा केसी शर्मा का कहना है कि हमारे देश में खून की कमी से काफी मौतें होती हैं, ऐसे में अगर हर घर में हरमन एपल का पेड़ होगा तो आयरन के साथ आक्सीजन भी मिलेगी। इसके साथ यह सेब ग्रामीण इलाकों में आर्थिक उन्नति भी लाएगा। इस मुहिम में कई सेवानिवृत आईएएस, आईपीएस भी जुड़े हैं, इनमें जम्मू के केबी जंडियाल व एसएस वजीर मुख्य हैं। 

शिवालिक पहाड़ियों को बनाएंगे समर एपल से हराभरा: जनरल जम्वाल

सेना के सेवानिवृत मेजर जनरल व जम्मू कश्मीर एक्ससर्विस लीग के प्रधान गोवर्धन सिंह जम्वाल का कहना है कि पूर्व सैनिक इस समय जम्मू क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियों को हरमन एपल से हराभरा बनाने की राह पर हैं। तवी नदी से लेकर राजौरी तक फैली शिवालिक पहाड़ियों में दस लाख समर एपल, आड़ू, आलूचा लगाने का लक्ष्य है। किसानो में दो हजार हरमन एपल बांट कर इसकी शुरूआत हुई। जल संरक्षण से बाग लगाना संभव होगा।

फलों से भरा है सेबों का मेरा बाग: विरेन्द्र सिंह

जम्मू जिले के अखनूर के कंडी क्षेत्र के रांजन गांव के विरेन्द्र सिंह के बाग में सेब फले हुए हैं। विरेन्द्र सिंह का कहना है कि करीब पांच साल पहले समर एपल के तीस पौधे लगाए थे। इन पौधों पर लगे सेब मई माह के अंत तक तैयार होंगे। लोग ये पौधे देखने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि पौधे लगाने के साथ ये पौधे तैयार करने के लिए नर्सरी भी बनाई है। मेरे पास पचास हजार पौधे तैयार हैं। इनमें से कई पौधे अयोध्या जाएंगे। मेरी पूरी कोशिश है कि अधिक से अधिक गांवों में किसान इन सेबाें के बाग लगाए हैं।