आरोपित गवाहों को धमका सकता है, जमानत देना ठीक नहीं: कोर्ट

 

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जांच अधिकारी ने पक्ष रखा कि आरोपित दंगे में सक्रिय था। उस पर कई अन्य मामलों में गंभीर आरोप हैं। वहीं वरिष्ठ लोक अभियोजक ने जमानत अर्जी का विरोध किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

 नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली दंगे के दौरान गोकलपुरी में घर और दुकानों में तोड़फोड़ कर लूटपाट करने के तीन मामलों में एक आरोपित को कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपित पर लगे आरोप गंभीर हैं। वह इसी तरह के 45 मामलों में आरोपित है। ऐसी अवस्था में उसे जमानत पर छोड़ना ठीक नहीं है। वह फरार हो सकता है या फिर गवाहों को धमका सकता है।गत वर्ष 25 फरवरी को गोकलपुरी क्षेत्र में दंगाइयों ने सिलाई मशीन की दो दुकानों और एक घर में तोड़फोड़ की थी। दंगाई लाखों रुपये का सामान लूट कर ले गए थे। इन घटनाओं के संबंध में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे।

तीनों मामलों में आरोपित टिंकू को पिछले वर्ष सितंबर में गिरफ्तार किया गया था। करीब साढ़े आठ महीने जेल में बिताने के बाद हाल में आरोपित की तरफ से इन मामलों में जमानत के लिए अर्जी दायर की गई थी।

मुख्य महानगर दंडाधिकारी की कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपित के वकील ने कहा कि ¨टकू पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। तीनों मामलों में जांच पूरी हो चुकी है। ऐसे में उसे जेल में रखने की जरूरत नहीं है। जांच अधिकारी ने पक्ष रखा कि आरोपित टिंकू दंगे में सक्रिय था। उस पर कई अन्य मामलों में गंभीर आरोप हैं। वहीं वरिष्ठ लोक अभियोजक ने जमानत अर्जी का विरोध किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।