महामारी से राहत की उम्मीद, जानें- कब से शुरू होगी संक्रमण के मामलों में गिरावट
 वास्तविक संख्या कहीं ज्यादा

कांग ने एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस की घटती जांच पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जांच में संक्रमण के जितने मामले सामने आ रहे हैं वास्तविकता में इनकी संख्या इससे कहीं बहुत ज्यादा होगी।

कोरोना वायरस की अभी एक या दो और लहर की आशंका जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि यह कब होगा इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बारे में हमें बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है और न ही इसके बारे में ही पता है कि वह आगे क्या रूप लेगा। इसलिए हमें सचेत रहना होगा।

बुरा फ्लू वायरस जैसा हो जाएगा कोरोना

कोरोना वायरस की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बुरा फ्लू वायरस जैसा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मौसमी वायरस बन जाएगा, जैसा कि कोई खराब फ्लू वायरस होता है। बार-बार संक्रमित होने और टीकाकरण के चलते लोगों में इसके खिलाफ प्रतिरक्षा पैदा हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस बार-बार रूप बदल रहा है और हो सकता है कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मात दे दे। इससे बचने के लिए हमें बूस्टर डोज की जरूरत होगी। हालांकि, उन्हें पक्का यकीन है कि अभी हमें जिस मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, आगे इस वायरस के चलते ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सक्रिय मामले 35 लाख से ज्यादा

अभी देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। इसमें तेजी से नए मामले बढ़ रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में ही 27 लाख से ज्यादा संक्रमित बढ़े हैं और 25 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 35.66 लाख हो गई है, जो कुल संक्रमितों का 16.92 फीसद है। बीते 24 घंटे के दौरान ही रिकॉर्ड 4,12,262 नए मामले मिले हैं और 3,980 लोगों की जान चली गई है। इस महामारी के चलते इससे पहले एक दिन में न तो इतने नए मामले मिले थे और न ही इतने लोगों की मौत हुई थी। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2.10 करोड़ से ज्यादा हो गया है। इनमें से 1.72 करोड़ लोग पूरी तरह से संक्रमण मुक्त भी हो चुके हैं और 2,30,168 लोगों की जान जा चुकी है।

बुधवार को 19.23 लाख टेस्ट

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के मुताबिक कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए बुधवार को देश भर में 19,23,131 नमूनों की जांच की गई। इनको मिलाकर अब तक 29 करोड़ 67 लाख 75 हजार से ज्यादा नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।