विहिप की अपील, बंगाल में हिंसा पीड़ित हिंदुओं की सहायता के लिए आगे आएं देशवासी

 

VHP News, Bengal Violence, Jharkhand News विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे।

 केंद्रीय महामंत्री ने कहा कि बंगाल में 11 हजार से अधिक हिंदू बेघर हो चुके हैं तो 5000 से अधिक मकान ध्वस्त कर दिए गए हैं। 2000 से अधिक हिंदू झारखंड असम और ओडिशा में शरण लिए हुए हैं।

रांची, सं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बंगाल में हिंसा पीड़ित हिंदू समाज की सहायता, सहयोग व पुनर्वास के लिए आगे आने का देशवासियों से आह्वान किया है। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही प्रारंभ हुए हमलों में अब तक लगभग 11 हजार से अधिक हिंदू बेघर हो चुके हैं तथा 40 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 142 महिलाओं के साथ अमानवीय अत्याचार हुए तथा अनेक महिलाओं का शील भंग हुआ।

5000 से अधिक मकान ध्वस्त किए गए। सात स्थानों पर तो हिंदू बस्तियों को ही बुलडोज कर या तो रातों-रात वहां मस्जिदें खड़ी कर दी गईं या फिर जिहादियों ने वहां कब्जा जमा लिया। अकेले सुंदरवन में 200 से ज्यादा घर बुलडोजर के द्वारा ध्वस्त कर दिए गए। अनुसूचित जातियां व जनजातियां इनके विशेष निशाने पर रही। 26 लोगों की हत्याएं हुई हैं जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जाति व जनजाति के हैं। बस्तियों पर हमले की 1627 घटनाएं हुईं। दो हजार से अधिक हिंदू असम, ओडिशा व झारखंड में शरण लेने को विवश हुए हैं।

हिंसा से त्रस्त बंधु-भगिनियों की सहातार्थ खुले मन से आगे आने का आह्वान करते हुए उन्होंने दो बैंक खातों के नंबर भी जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि देशवासी विश्व हिंदू परिषद नई दिल्ली के खाता संख्या 04072010017250 या भारत कल्याण प्रतिष्ठान, नई दिल्ली के खाता संख्या 04072010019960 में अपना अंशदान सीधे ट्रांसफर या चेक के माध्यम से करें। इसके बाद हमें दानदाता का नाम, पता, टेलीफोन नंबर, ट्रांजैक्शन रेफरन्स नंबर के साथ  kotishwar.sharma@gmail.com पर सूचित करें।

1947 की याद ताजा कर दी

उन्होंने कहा कि इस भयंकर हिंसा ने 1947 के भारत विभाजन के हिंसक नरसंहार की याद ताजा कर दी है। स्थिति की भयावहता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ितों का दुखड़ा सुनते-सुनते बंगाल के राज्यपाल को भी रुँधे कंठ से कहना पड़ा कि‍ मेरे राज्य के लोगों को जीने के लिए धर्म परिवर्तन को विवश होना पड़ रहा है। उनको यहां तक कहना पड़ा कि बंगाल हिंदुओं के लिए एक ज्वालामुखी बन गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग तथा राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग इत्यादि अनेक संवैधानिक संस्थाओं ने भी राज्य में हो रहे घोर अत्याचारों पर अंकुश लगाने की मांग की है।

बंगाल के हिंदुओं की सहायता के लिए तत्पर रहना होगा

परांडे ने आह्वान किया कि देश-धर्म की रक्षा के लिए संघर्षरत बंगाल के हिंदू समाज के साथ खड़ा होना और उनकी सहायता के लिए तत्पर रहना होगा। बेघर-बार हिंदुओं के लिए जीवन-यापन की व्यवस्था, उनके लुट चुके घरों को बनाना व बसाना, अनाथ बच्चों को संभालना, घायलों की चिकित्सा, हिंदुओं पर बने झूठे मुकदमों को लड़ना, व्यवसाय शुरू करवाना, टूटे मंदिरों का पुनर्निर्माण, बलिदानी हिंदुओं के आश्रितों को सहायता, हिंदू समाज की प्रतिरोधक शक्ति का निर्माण आदि कई ऐसे कार्य हैं जो आपदा की इस स्थिति में करने ही हैं।

ये पीड़ित हिंदू कोरोना महामारी से भी जूझ रहे हैं। कोरोना पीड़ितों की सेवा हेतु हम सभी जी जान से जुटे ही हैं, हमें बंगाल को भी इस आपदा से बचाना है। इसलिए विहिप का निवेदन है कि मुक्त हस्त से बंगाल के हिंदू समाज की सहायता करें जिससे उन्हें यह अनुभूति हो सके कि संपूर्ण देश का हिंदू समाज दृढ़ता के साथ उनके साथ खड़ा है।