घर के आसपास उपलब्ध औषधीय पौधों से उपचार करेंगे मध्य प्रदेश के आयुर्वेदिक चिकित्सक

फोन के माध्यम से उपचार की देंगे जानकारी

इसमें उन औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में बताया जाएगा जो सहज रूप से घर गांव या शहरों के आसपास मिल जाते हैं। किस प्रकार के रोग के उपचार में इनके पत्ते छाल फल आदि मददगार होंगे यह जानकारी चिकित्सकों द्वारा दी जाएगी।

भोपाल, राज्य ब्यूरो। मध्य प्रदेश में अब सामान्य बीमारियों का उपचार घर, गांव या शहर के आसपास उपलब्ध औषधीय पौधों से किया जा सकेगा। लोगों को यह सुविधा सरकार की 'वैद्य आपके द्वार' योजना के तहत मिलेगी। इस योजना का शुभारंभ शुक्रवार को किया जाएगा। इस योजना में आयुर्वेदिक चिकित्सक फोन के माध्यम से लोगों को उपचार की सलाह देंगे। इसमें उन औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में बताया जाएगा, जो सहज रूप से घर, गांव या शहरों के आसपास मिल जाते हैं। किस प्रकार के रोग के उपचार में इनके पत्ते, छाल, फल आदि मददगार होंगे, यह जानकारी चिकित्सकों द्वारा दी जाएगी।

प्रारंभिक तौर पर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज से संबंधित चार चिकित्सक भोपाल में उपलब्ध रहेंगे और वे लोगों की समस्याएं सुनेंगे। उपचार के लिए चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें वृहद, मध्यम, छोटे प्रमाण वाले औषधीय पौधे और घरेलू रसोई में उपयोग होने वाले द्रव्य की श्रेणी निर्धारित की गई है। इन पौधों में आंवला, अनार, नींबू, अंजीर, नारंगी, तुलसी, गिलोय, भृंगराज, दालचीनी सहित अन्य पौधों का वर्गीकरण किया गया है।

इसमें चिकित्सक यह जानकारी देंगे कि किस रोग में कौन से पौधे की छाल का लेप या पत्तियों का काढ़ा बनाने में फायदा होगा। आयुष विभाग की इस योजना के पीछे उद्देश्य यह है कि इससे लोगों को पौधों के गुणों की जानकारी मिलेगी और बिना किसी खर्च वे स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे। इसके अलावा औषधीय पौधों का संरक्षण भी हो सकेगा। विशेष परिस्थितियों में दवाइयों की सलाह भी दी जाएगी।

ग्राम पंचायतों तक किया जाएगा प्रचार-प्रसार

आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामकिशोर कावरे शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का प्रस्ताव संचालनालय आयुष विभाग के प्रधान उप संचालक डॉ एसपी वर्मा ने तैयार किया था। वे वर्ष 2013 से इस योजना को लागू करवाने के लिए प्रयासरत थे। दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नवदुनिया/नईदुनिया ने यह मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद इसकी कार्ययोजना तैयार की गई। इस योजना का लाभ सभी को मिले, इसके लिए वैद्य आपके द्वार हेल्प लाइन (हेलो डॉक्टर) के फोन नंबर का प्रचार-प्रसार ग्राम पंचायत स्तर तक किया जाएगा। यह नंबर योजना शुभारंभ के अवसर पर जारी किया जाएगा।