कांग्रेस रिसर्च टीम की सदस्य सौम्या ने बनाई है टूलकिट, भाजपा ने पेश किया सुबूत, जानें- सबकुछ

नाम उजागर होने के बाद सौम्या ने अपने इंटरनेट अकाउंट बंद किए (फाइल फोटो)

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सुबूतों के साथ दावा किया कि यह कांग्रेस रिसर्च विंग से जुड़ी और पार्टी के शीर्ष नेताओं की करीबी सौम्या वर्मा ने तैयार की थी। संबित ने राहुल गांधी के साथ फोटो में खड़ी सौम्या की तस्वीर भी जारी की है।

 ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने के लिए मोदी वैरिएंट जैसे शब्दों के उपयोग, विदेशी मीडिया की मदद जैसी सलाहों वाली टूलकिट को यूं तो कांग्रेस नकार रही है लेकिन बुधवार को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सुबूतों के साथ दावा किया कि यह कांग्रेस रिसर्च विंग से जुड़ी और पार्टी के शीर्ष नेताओं की करीबी सौम्या वर्मा ने तैयार की थी। संबित ने राहुल गांधी के साथ फोटो में खड़ी सौम्या की तस्वीर भी जारी की है। वहीं भाजपा के अन्य नेताओं ने ट्वीट कर बताया कि सौम्या, 2019 में कांग्रेस का घोषणापत्र बनाने में भी शामिल थी।

नाम उजागर होने के बाद सौम्या ने अपने इंटरनेट अकाउंट बंद किए

एक दिन पहले कांग्रेस ने थाने में भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर आरोप लगाया था कि टूलकिट भाजपा ने ही बनाई थी। जवाब में पात्रा ने सौम्या वर्मा और कांग्रेस के साथ उसके संबंधों की पूरी दास्तान सामने रख दी। उसके बाद सोशल मीडिया पर अलग अलग खबरें वायरल हुई जिसमें यह सामने आया कि सौम्या न सिर्फ कांग्रेस की रिसर्च विंग में हैं बल्कि काफी प्रभावशाली भी हैं। पिछले आम चुनाव में पार्टी का घोषणापत्र तैयार करने में भी उनकी भूमिका रही है। यह मामला उजागर होने के बाद सौम्या ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट बंद कर दिए।

संजुक्ता बसु ने टूलकिट को सही माना

भाजपा सोशल मीडिया के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी इंटरनेट मीडिया टीम की सदस्य संजुक्ता बसु का एक ट्वीट पेश किया है जिसमे उन्होंने टूलकिट को सही मानते हुए कहा- विरोधी की छवि को ध्वस्त करना विपक्ष का काम है। कांग्रेस आखिरकार अच्छा काम कर रही है।

कांग्रेस को हो सकता है भारी नुकसान

हालांकि कांग्रेस के अन्य नेता बुधवार को भी इस टूलकिट को अपनी होने की बात नकारते रहे। कांग्रेस को अहसास है कि इस टूलकिट में जिस तरह विदेशी मीडिया की मदद लेने, उन्हें शवों और जलती चिताओं आदि की तस्वीर उपलब्ध कराने में मदद करने, कुंभ को भाजपा के हिंदू एजेंडा से जोड़ने, कोरोना काल में राजनीतिक लाभ उठाने की बात कही गई है उससे उसे भारी नुकसान होगा। समाज में इसे संवेदनहीनता और मौकापरस्ती के रूप में देखा जाएगा। बहरहाल यह मामला पुलिस के सामने है और एक पीआइएल (याचिका) के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है।

कांग्रेस के लोग कोरोना का राजनीतिकरण कर रहे

भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। उसका कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जब कोरोना वायरस के नए प्रारूप को इंडियन वैरिएंट बोलने से मना कर दिया है तब कांग्रेस के लोग इसे इंडियन वैरिएंट और मोदी वैरिएंट क्यों कह रहे हैं। यहां तक कि राहुल गांधी ने भी एक ट्वीट में कोविड को 'मोविड' लिखा है। एक योजना के अनुसार कांग्रेस के लोग कोरोना का राजनीतिकरण कर रहे हैं और देश के प्रोजेक्ट को किसी न किसी बहाने अटकाने की कोशिश कर रहे हैं।