फेसबुक को ईयू में झेलना पड़ सकता है विश्वासघात का मुकदमा, विवाद की स्थिति

 

फेसबुक को ईयू में हो सकती है कई मुश्किलें। (फोटो: दैनिक जागरण)

ईयू में फेसबुक के खिलाफ भी यह मामला शुरू हो गया तो वह अन्य दिग्गज अमेरिकी कंपनियों- गूगल एप्पल और अमेजन की श्रेणी में आ जाएगी जो ईयू में पहले से ही मुकदमों का सामना कर रही हैं।

ब्रसेल्स, रायटर। आने वाले दिनों में इंटरनेट मीडिया साइट फेसबुक को यूरोपीय यूनियन (ईयू) में विश्वासघात करने वाले कृत्य के आरोप का सामना करना पड़ सकता है। उसके खिलाफ यह मुकदमा ईयू की उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की ओर से हो सकता है। यह जानकारी मामले से जुड़े एक सूत्र ने दी है। अगर ईयू में फेसबुक के खिलाफ भी यह मामला शुरू हो गया तो वह अन्य दिग्गज अमेरिकी कंपनियों- गूगल, एप्पल और अमेजन की श्रेणी में आ जाएगी, जो ईयू में पहले से मुकदमों का सामना कर रही हैं। फेसबुक ने अपना ऑनलाइन मार्केटप्लेस 2016 में ईयू में लांच किया था। उसी को लेकर विवाद की स्थिति बनी है। इसके जरिये 70 देशों में मौजूद फेसबुक के 80 करोड़ यूजर सामान खरीद और बेच सकते हैं।

यूरोपीय कमीशन ने 2019 में इस कारोबार के सिलसिले में फेसबुक के पास सवालों की फेहरिश्त भेजी थी। इसमें ऑनलाइन क्लासीफाइड विज्ञापन दिखाने के लिए मानदंडों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। अब प्रतिद्वंद्वी कंपनियों ने कहा है कि फेसबुक ने उस समय अपने जवाब में जो बातें कहीं थीं, उनका फेसबुक उल्लंघन कर रहा है। इससे साफ-सुथरी प्रतिद्वंद्विता के नियमों को चोट पहुंच रही है।

ईयू की कंपनियों का आरोप है कि फेसबुक उपभोक्ताओं तक अपनी बड़ी पहुंच का फायदा उठाकर अनैतिक कार्य कर रहा है। मामले पर फेसबुक और यूरोपियन कंप्टीशन कमिश्नर ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। वैसे मामले में अगर जांच शुरू होती है और उसमें मुकदमे की स्थिति बनती है, तो वह प्रक्रिया कई वर्ष तक चल सकती है। उसमें दोषी साबित होने पर फेसबुक पर कई अरब डॉलर का जुर्माना लग सकता है।