अफवाह का असर, वैक्सीन लगाने को बोला तो वृद्धा जंगल में जाकर झाड़ियों में छिप गई

 

कोरोना वैक्सीन को लेकर चल रही अफवाह के बाद घर छोड़कर जंगल में छिपी महिला को लेकर आते ग्रामीण।

चित्तौड़गढ़ जिले में फैल रही अफवाह से एक वृद्धा इस कदर भयभीत हो गई। परिजनों ने जब उसे वैक्सीन लगवाने को कहा तो वह घर छोड़कर जंगल में भाग निकली तथा झाड़ियों के बीच जा छिपी।

उदयपुर, संवाद सूत्र। कोरोना महामारी में वैक्सीन सुरक्षा प्रदान कर रही है लेकिन कुछ लोग अफवाह फैलाने में लगे हैं। इसका असर कुछ लोगों में विशेषकर ग्रामीण लोगों पर पड़ रहा है जो वैक्सीनेशन कार्यक्रम से दूरी बनाए हुए हैं। चित्तौड़गढ़ जिले में फैल रही अफवाह से एक वृद्धा इस कदर भयभीत हो गई। परिजनों ने जब उसे वैक्सीन लगवाने को कहा तो वह घर छोड़कर जंगल में भाग निकली तथा झाड़ियों के बीच जा छिपी।

मामला चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी उपखंड के बागेलों का खेड़ा गांव का है। यहां वैक्सीन को लेकर जारी अफवाह के चलते ग्रामीणों में वैक्सीन को लेकर अजीब तरह का खौफ है। गांव की सत्तर वर्षीया धापू बाई गमेती के परिजनों ने जब उन्हें वैक्सीन लगवाने को कहा तो वह अजीबोगरीब हरकत करने लगी। परिजनों की निगाह चुराकर वह जंगल की ओर भाग निकली तथा झाड़ियों के बीच छिप गई। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे, इसी बीच जंगल क्षेत्र से गुजर रहे एक ग्रामीण की नजर झाड़ियों में पड़ी महिला पर पड़ी। उसने धापू बाई को मृत समझा तथा ग्रामीणों को सूचना दी।

उधर, पुलिस को भी ग्रामीणों के जरिए जंगल में किसी महिला का शव पड़े होने की जानकारी लगी। ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंची तथा देखा तो खुलासा हुआ कि धापू बाई जिंदा है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। पूछताछ करने पर पता चला कि उसके परिजनों ने उसे कोरोना की वैक्सीन लगवाने को कहा था और वह उसी के भय से जंगल में आकर छिप गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस एवं चिकित्सा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह किसी तरह की अफवाह में नहीं आएं। वैक्सीन कोरोना महामारी से बचाव के लिए है। पुलिस अधीक्षक ने अफवाह फैलाने वालों पर निगाह रखकर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है।