धीरे-धीरे पटरी पर लौटनी शुरू हुई इंडस्ट्री, पंजाब में कामगारों की होने लगी वापसी

 

धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी मोहाली की इंडस्ट्री। सांकेतिक फोटो

लाकडाउन के कारण पंजाब की इंडस्ट्री कामगारों की कमी से जूझ रही थी। मजदूर अपने घरों को वापस लौट गए थे लेकिन अब धीऱे-धीरे कामगार आने लगे हैं। इससे इंडस्ट्री भी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है ।

, मोहाली। मोहाली में छोटे और बड़े उद्योगों के उत्पादन में पिछले एक माह में तीस फीसद से ज्यादा की गिरावट आई है। लाकडाउन के कारण इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिसे लौटने में एक से दो माह का समय लगेगा। मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन (एमआइए) का कहना है कि लाकडाउन के कारण जहां नुकसान हुआ, वहीं लेबर भी अपने मूल राज्यों को वापस लौट गई। हालांकि अब राज्य सरकार व प्रशासन की ओर से कुछ रियायतें दी जा रही है। जिसके बाद उम्मीद है कि कामगार भी धीरे-धीरे काम पर वापस लौटेगी। कुछेक ने वापस आना भी शुरू कर दिया है। उद्योगपतियों का कहना है कि लाकडाउन के दौरान वे कच्चे माल की खरीद में विफल रहे हैं। इस का असर भी कहीं न कहीं इंडस्ट्री पर पड़ा है।

जिले में लगभग 13,000 मीडियम एंड स्मॉल स्केल इंडस्ट्री है। वहीं 49 के करीब बड़े उद्योग हैं, जिनमें 1.3 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। एमआइए के अध्यक्ष योगेश सागर ने कहा कच्चे माल की भारी कमी है। जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आता है, लेकिन राज्य पूरी तरह से बंद हैं। जिस कारण कच्चे माल की सप्लाई चेन पर ब्रेक लग गया। लाकडाउन के डर से अप्रैल के अंत में ही बिहार और उत्तर प्रदेश के श्रमिक अपने गांव वापस चले जाने लगे थे। जिस कारण काम करने के लिए लेबर भी इंडस्ट्री को पूरी नहीं मिल रही। कई श्रमिक कोविड से भी प्रभावित हुए।