दिल्ली में इस बार कब पहुंचेगा मानसून, जानने के लिए पढ़ें यह स्टोरी

 

Monsoon Rain 2021 Latest Update: दिल्ली में जुलाई के दूसरे सप्ताह तक दस्तक देगा मानसून

भारतीय मौसम विज्ञानियों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियां शुरुआती दिनों से ही मानसून को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में दिल्ली में जुलाई के दूसरे सप्ताह तक मानसून दस्तक देगा।

नई दिल्ली]। दक्षिण भारत के अहम राज्य केरल में मानसून की दस्तक में विलंब होने से दिल्ली में भी इसका आगमन देरी से होने की संभावना है। इस बार दिल्ली-एनसीआर में मानसून 27-28 जून के बजाय जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विज्ञानियों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियां शुरुआती दिनों से ही मानसून को प्रभावित कर रही हैं। मानसून से पहले तूफान के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में हुई भारी बारिश भी मानसून की सुव्यवस्थित प्रणाली के लिए अच्छी नहीं कही जा सकती है। केरल में मानसून की दस्तक में देरी होने से आगे का चक्र भी प्रभावित होगा। दक्षिण-पश्चिमी मानसून का शेड्यूल लगभग हर जगह बदल सकता है। हालांकि, कुल बारिश उसी तरह से होने की संभावना है, जैसा कि पूर्वानुमान जताया गया है।

वहीं, स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत (Mahesh Palawat ,Vice President of Skymet Weather) ने बताया कि दिल्ली एनसीआर ही नहीं, समूचे उत्तर पश्चिम भारत में प्री मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है जबकि उत्तर पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है। वहां से एक अक्षीय रेखा दिल्ली के दक्षिण से होते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश तक आ रही है। इसके अलावा हवा पूर्वी है और नमी बढ़ रही है। इससे बादल बनने में भी मदद मिल रही है। ऐसे में तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना भी बन रही है। उन्होंने बताया कि मौसम के इस बदलाव का असर दिल्ली एनसीआर के अलावा, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक लगभग एक समान रूप से देखने को मिलेगा।

उधर, पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवात के चलते मौसम के मिजाज के बाद 2 दिन के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञाग का कहना है कि हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित समूचे उत्तर पश्चिमी भारत में पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का यह बदलाव दिखाई देगा।

मध्यम श्रेणी में रही दिल्ली-एनसीआर की हवा

शनिवार को संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई दिल्ली-एनसीआर की हवा रविवार को फिर से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई। एनसीआर में शामिल ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम को छोड़कर सभी शहर मध्यम श्रेणी में रहे। इसका प्रमुख कारण रविवार को दोपहर बाद चली धूल भरी आंधी बताया जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार दिल्ली का एयर इंडेक्स 101 दर्ज किया गया। फरीदाबाद का 111, गाजियाबाद का 111, ग्रेटर नोएडा का 84, गुरुग्राम का 81 एवं नोएडा का एयर इंडेक्स 100 दर्ज किया गया। सफर इंडिश का पूर्वानुमान है कि अगले दो तीन दिन हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव होने की संभावना नहीं है।