अधिक स्‍टेरॉयड लेने से ही नहीं होता ब्‍लैक फंगस, जानें इस जानलेवा बीमारी के अन्‍य कारण व उपाय

 

Black Fungus Symptoms and Treatment समय पर उपचार होने से आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है।

 सिर्फ मधुमेह रोगियों और अधिक स्ट्रायड से ही ब्लैक फंगस नहीं होता है। सामान्य समस्या को लेकर भी लोग नेत्र विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। हालांकि समय पर उपचार होने से आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है।

रांची, सं। कोरोना महामारी के बीच अब म्यूकर मियोसिस ब्लैक फंगस को लेकर लोगों में डर देखा जा रहा है। ब्लैक फंगस सिर्फ अधिक स्टेरॉयड लेने से ही नहीं होता है, बल्कि अधिक जिंक टैबलेट लेने और अत्यधिक भाप यानि स्टीम लेने से भी इस बीमारी के होने की संभावना कई गुणा अधिक बढ़ जा रही है। इस बीमारी में सबसे पहले आंख प्रभावित होता है। इसके बाद नेत्र विशेषज्ञों के पास मरीज छोटी से समस्या लेकर पहुंच रहे हैं और ब्लैक फंगस की जांच कराने की बात कर रहे हैं।

डाॅक्टरों के अनुसार लोग आंखों में हल्‍की सूजन, दर्द जैसी समस्या को ब्लैक फंगस समझ रहे हैं, जो गलत है। नेत्र रोग विशेषज्ञ विभूति कश्यप बताते हैं कि ब्लैक फंगस की अधूरी जानकारी के कारण लोग भ्रमित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों की बात की जाए तो करीब 700 मरीज अपनी आंखों का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे। इसमें से आधे मरीज ने सिर्फ ब्लैक फंगस होने की आशंका जताई।

आंख की जांच में कोई मरीज नहीं मिला ब्लैक फंगस से संक्रमित

अभी तक राजधानी रांची में आंखों की जांच में कोई भी मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित नहीं दिखा है। डाॅ. विभूति कश्यप बताते हैं कि जब आंख की एक तरफ बहुत असहनीय दर्द हो, चेहरा एक तरफ फूल गया हो या नाक से काले रंग की चीज निकलने लगे व दर्द महसूस हो तो ही ब्लैक फंगस की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को डाॅक्टर से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय पर उपचार हो सके और आंखों की रोशनी बचाई जा सके।

अधिक जिंक टैबलेट फंगस का बन जाता है भोजन

अभी तक यह देखा गया है कि जो भी कोविड निगेटिव हुए हैं, उन्हें भी म्यूकर मियोसिस की समस्या आई है। जबकि ऐसे लोगों ने ना ही अधिक ऑक्सीजन सपोर्ट लिया था, ना ही स्टेरॉयड लिया था और ना ही मधुमेह है। डाॅ. विभूति बताते हैं कि दूसरे अस्पतालों में मिले ब्लैक फंगस के मरीजों में से 15 प्रतिशत ऐसे मरीज मिले हैं, जिन्होंने इस तरह की चीजों का उपयोग नहीं किया था फिर भी उनमें म्यूकर मियोसिस दिखा।

उन्होंने इसका मुख्य कारण बताते हुए कहा कि इसकी तीन वजह हो सकती है। पहली गंदा मास्क पहनना, दूसरा जिंक टैबलेट अधिक समय तक लेना और तीसरा अत्यधिक स्टीम लेना। यह सब जिंक फंगस का भोजन होता है जिससे इसकी ग्रोथ में मदद मिलती है। जबकि गंदा मास्क पहनने से भी फंगल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है और तीसरा अधिक स्टीम लेने से नाक के अंदर नमी बनी रहती है। इससे भी फंगस ग्रोथ कर सकते हैं। ऐसे में इन सभी चीजों का उपयोग डाॅक्टर की सलाह पर सही डोज के साथ लेना चाहिए।