महेश पाेद्दार ने उद्योगों को ऑक्‍सीजन के उत्‍पादन व इस्‍तेमाल की अनुमति के लिए भारत सरकार को लिखा पत्र


Jharkhand News, Political Update महेश पोद्दार। फाइल फोटो

रांची, सं। झारखंड से राज्यसभा सदस्‍य महेश पोद्दार ने झारखंड के लघु-मध्यम उद्योगों को इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन के उत्पादन और दोहन की अनुमति देने की मांग की है। महेश पोद्दार ने इसके लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत औद्योगिक संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए अब ऑक्सीजन की जरूरत कम हुई है। देश के ज्यादातर अस्पतालों में ऑक्सीजन के डेडीकेटेड प्लांट्स लग गए हैं। इसी आधार पर कई प्रमुख उद्योगों को ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल उत्पादन और दोहन की अनुमति मिल गई है।

लेकिन झारखंड की सरकार इस मामले में अबतक निर्णय की स्थिति में नहीं है। इससे कई उद्यम बंद पड़े हैं और लाखों श्रमिक बेरोजगार हैं। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी का प्रकोप पूर्व की तुलना में काफी कम हुआ है। गंभीर स्थिति में मरीजों के अस्पताल पहुंचने के हालात अपेक्षाकृत काफी कम देखने को मिल रहे हैं। साथ ही, भारत सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की तत्परता से पूरे देश में मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति सुचारू रूप से हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर के भीषण प्रकोप के दौरान बड़ी मात्रा में मेडिकल ऑक्‍सीजन की जरूरत को हर सक्षम औद्योगिक इकाई ने इंडस्ट्रियल ऑक्‍सीजन का उत्पादन/दोहन रोककर मेडिकल ऑक्‍सीजन की निर्बाध आपूर्ति करके भरपूर सहयोग दिया।

वर्तमान स्थिति यह है कि इंडस्ट्रियल ऑक्‍सीजन का उत्पादन बंद होने के कारण लाखों कामगार बेरोजगार बैठे हैं और उद्यमियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। अकेले जमशेदपुर और आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में टाटा मोटर्स की एनसीलरीज सहित 900 उद्यम प्रभावित हैं और करीब 40-50 हजार कामगार बेरोजगार हैं। इसके अलावा फैब्रिकेटिंग सहित कई अन्य छोटे-छोटे उद्यम चलाने वाले भी बेकार बैठे हैं, जबकि उनकी जरूरतें भी बहुत ज्यादा नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पर जल्द से जल्द फैसला लेने का अग्रह किया है।