स्वेज नहर में जहाज फंसने का मिस्त्र ने मांगा चार हजार करोड़ हर्जाना हर्जाना, कैप्टन को ठहराया पूरी तरह जिम्मेदार

मिस्त्र के स्वेज नहर प्राधिकरण ने जापान की कंपनी से मांगा हर्जाना (फोटो: दैनिक जागरण)

मिस्र के स्वेज नहर प्राधिकरण (एससीए) ने घोषणा की कि एवर गिवेन के कप्तान मार्च में छह दिनों के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग को अवरुद्ध करने वाले विशाल मालवाहक जहाज की के लिए पूरी तरह जिम्मेदार थे। इसको लेकर मिस्त्र की ओर से जानकारी दी गई है।

टोक्यो[जापान], एएनआइ। मिस्त्र के स्वेज नहर प्राधिकरण ने जापान की कंपनी से 55 करोड़ डॉलर (करीब चार हजार करोड़ रुपये) का हर्जाना मांगा है। इस कंपनी का शिप एवर गिवन मार्च में स्वेज नहर में फंस गया था और छह दिन जल यातायात बंद रहा। सैकड़ों जहाजों को रुकना पड़ा था। स्वेज नहर प्राधिकरण ने शुरू में लगभग 92 करोड़ डालर की मांग की थी।

मिस्त्र के शहर इस्लामिया में स्वेज नहर प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी में फंसे जहाज को दोबारा पानी में उतारने के लिए छह सौ श्रमिकों ने काम किया था। इसमें एक कर्मचारी की मौत भी हो गई थी। पश्चिम जापान के एहिम प्रांत में रहने वाले जहाज के मालिक शोई किसेन कैशा ने 15 करोड़ डालर का हर्जाना देने की पेशकश की है। एक स्थानीय अदालत के फैसले के अनुसार जब तक मुआवजा नहीं दिया जाता है, जहाज एवर गिवन मिस्त्र में ही रहेगा। इस जहाज को 29 मार्च को 15 टग बोट (शक्तिशाली नाव) के बेड़े की मदद से दोबारा पानी में लाया गया था। उसके बाद ही रास्ता साफ हो सका था।

जापान में कोरोना संक्रमण के कारण इमरजेंसी 20 जून तक बढी

टोक्यो ओलंपिक शुरू होने में दो माह से भी कम समय होने के कारण जापान में कोरोना की स्थिति पर दूरी दुनिया की नजर है। यहां संक्रमण पर नियंत्रण में फिलहाल कोई राहत नहीं है। सरकार ने 31 मई तक लगी इमरजेंसी को 20 जून तक के लिए बढ़ा दिया है। दक्षिण अफ्रीका ने संभावित तीसरी लहर आने को लेकर जनता को आगाह किया है। जापान में टोक्यो सहित आठ क्षेत्रों में इमरजेंसी लगी हुई है। यहां कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है।

जापानी अधिकारियों, ओलंपिक आयोजकों और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने पहले ही कह दिया है कि सख्त वायरस रोकथाम उपायों के साथ ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। यहां अंतरराष्ट्रीय दर्शक तो भाग नहीं ले सकेंगे, लेकिन एथलीट और उनके प्रतिनिधिमंडल के लगभग 90 हजार सदस्यों का आगमन होगा।