जरूरतमंदों की सेवा में उतरे भाजपा कार्यकर्ता

 


Delhi Coronavirus News Update: जरूरतमंदों की सेवा में उतरे भाजपा कार्यकर्ता

दिल्ली में एक बार फिर भाजपा नेता व कार्यकर्ता गरीबों व प्रवासी कामगारों की सेवा में जुट गए हैं। इस बार यह मदद सिर्फ मास्क व सैनिटाइजर तक सीमित नहीं है। कार्यकर्ता जरूरतमंदों के लिए ऑक्सीजन व सिलेंडर का इंतजाम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

नई दिल्ली । पिछले लाकडाउन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों की खूब सेवा की थी। किसी ने मास्क व सैनिटाइजर बांटे थे तो किसी ने भोजन व राशन। कोरोना की दूसरी लहर में राजधानी में लाकडाउन लगा तो ऐसे में एक बार फिर भाजपा नेता व कार्यकर्ता गरीबों व प्रवासी कामगारों की सेवा में जुट गए हैं। इस बार यह मदद सिर्फ मास्क व सैनिटाइजर तक सीमित नहीं है। कार्यकर्ता जरूरतमंदों के लिए ऑक्सीजन व सिलेंडर का इंतजाम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दूसरी लहर को शुरू हुए करीब एक माह बीत चुका है। शुरू में तो किसी को इस नई लहर के बारे में कुछ समझ नहीं आ रहा था, लेकिन धीरे-धीरे कार्यकर्ता इस लहर से बचने के लिए सावधानियां बरतते हुए मदद के लिए सामने आने लगे हैं। पार्टी के बड़े नेताओं के कहने पर अब उनका पूरा ध्यान लोगों तक मदद पहुंचाने पर है।

टीकाकरण केंद्र के पते पर गफलत

आजकल लोगों को कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए खूब भटकना पड़ रहा है। कोविन पोर्टल व एप पर रजिस्ट्रेशन के बाद लोगों को स्लाट लेने के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। अगर स्लाट मिल भी जाए तो टीकाकरण केंद्र खोजने में लोगों की हालत खराब हो जाती है। गुरु रविदास मार्ग पर स्थित गिरी नगर पीएचसी टीकाकरण केंद्र का पता पोर्टल व एप पर नेहरू प्लेस के नाम से दिया गया है। इस कारण लोगों को इस केंद्र को खोजने में घंटों लग जाते हैं। कुछ लोग तो फिर भी इसे खोज नहीं पाते हैं, जबकि यह टीकाकरण केंद्र मुख्य मार्ग पर ही स्थित है। बुधवार को यहां टीका लगवाने आए लोग काफी देर बाद इसे खोज पाए। केंद्र पर आए लोग एक-दूसरे से यह पूछते नजर आए कि आप कितनी देर में केंद्र खोज पाए। लोगों ने केंद्र का पता सही करने की मांग की है।

केंद्रों में वैक्सीन नहीं, कॉलोनियों में कहां से दें

टीकाकरण को लेकर राजधानी के युवाओं में उत्साह जबरदस्त है, लेकिन इसके लिए उन्हें स्लाट नहीं मिल रहा है। ऐसे में युवाओं का सारा उत्साह ठंडा पड़ जाता है। टीकाकरण का स्लाट लेने के लिए वे बार-बार एप व पोर्टल पर लागिन करते हैं, लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर स्लाट फुल दिखाता है। अब स्थानीय आरडब्ल्यूए भी अपने आफिसों में टीकाकरण केंद्र बनाने की मांग करने लगे हैं। विभिन्न कालोनियों व सोसायटियों के पदाधिकारियों की मांग है कि उनके आफिस में ही टीकाकरण केंद्र बना दिया जाए, ताकि उन्हें टीका लगवाने के लिए कहीं जाना न पड़े। इसके पीछे आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का तर्क यह है कि टीका लगवाने बाहर जाने पर संक्रमण का खतरा रहता है। अब अधिकारियों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब पहले से बने केंद्रों में ही वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो आखिर कालोनियों में केंद्र खोलने से क्या फायदा।

कोई इन कोरोना योद्धाओं की भी सुन ले

कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों को भले ही कोरोना योद्धा कहकर संबोधित किया जा रहा है, लेकिन इनके साथ योद्धा जैसा व्यवहार न तो अधिकारी कर रहे हैं और न ही नेता। सफाई कर्मचारियों को सुबह छह बजे से ही ड्यूटी पर बुला लिया जाता है। अस्पतालों से लेकर कालोनियों तक में ये सफाई करते हैं, लेकिन उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए मास्क, दस्ताने, जूते व पीपीई किट तक नहीं दी जा रही है। ऐसे में उन्हें संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसको लेकर म्यूनिसिपल सफाई कामगार कांग्रेस की ओर से कई बार दक्षिणी दिल्ली निगम व दिल्ली सरकार को मांग पत्र भी दिया गया है, लेकिन उस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। कोरोना काल में बहुत से कर्मचारी संक्रमित भी हुए, कुछ की मौत भी हुई। इसके बावजूद इन कोरोना योद्धाओं की समस्या का समाधान न होने के कारण उनके परिवार के लोग भी चिंतित हैं।