डीयू के कॉलेजों के तदर्थ शिक्षकों को सेवा विस्तार देने की मांग, DUTA ने कार्यवाहक कुलपति को लिखा पत्र

 

कुलपति को पत्र लिखकर तदर्थ शिक्षकों के सेवा विस्तार की मांग की है।

डीयू के रामानुजन कालेज और किरोड़ीमल कालेज ने तदर्थ शिक्षकों को सेवा विस्तार दे दिया है लेकिन अन्य कालेजों में शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया गया है। दिल्ली विवि शिक्षक संघ (डूटा) उपाध्यक्ष ने कार्यवाहक कुलपति को पत्र लिखकर तदर्थ शिक्षकों के सेवा विस्तार की मांग की है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय के विवेकानंद कालेज में तदर्थ शिक्षकों को हटाए जाने से शिक्षक आक्रोशित हैं। शिक्षकों ने आनलाइन कक्षाओं का एक दिन बहिष्कार भी किया। डीयू अकादमिक कैलेंडर के मुताबिक शनिवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गए। हालांकि प्रथम वर्ष समेत कई अन्य सेमेस्टर छात्रों की आनलाइन कक्षाएं चलती रहेंगी, ताकि पाठ्यक्रम समय से पूरा हो सके। तदर्थ शिक्षक पशोपेश में हैं कि उन्हें पढ़ाना है या नहीं, क्योंकि अकादमिक कैलेंडर के अनुसार ही उनकी नियुक्ति 28 मई तक के लिए की गई थी।

डीयू के रामानुजन कालेज और किरोड़ीमल कालेज ने तदर्थ शिक्षकों को सेवा विस्तार दे दिया है, लेकिन अन्य कालेजों में शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया गया है। दिल्ली विवि शिक्षक संघ (डूटा) उपाध्यक्ष डा. आलोक रंजन पांडेय ने कार्यवाहक कुलपति को पत्र लिखकर तदर्थ शिक्षकों के सेवा विस्तार की मांग की है।

डूटा उपाध्यक्ष ने कार्यवाहक कुलपति को भेजे पत्र में कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पांच दिसंबर 2019 को भेजे पत्र में कहा था कि जब तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है तब तक तदर्थ शिक्षकों की सेवाएं जारी रहेंगी। इसलिए सभी कालेजों को ये निर्देश दिए जाएं कि वे तदर्थ शिक्षकों को तत्काल सेवा विस्तार दें। यदि कालेज मनमाने तरीके से तदर्थ शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करते रहे तो शैक्षणिक कार्य प्रभावित होगा, क्योंकि छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं 25 जून से संभावित है। डा. आलोक रंजन पांडेय ने कहा कि यह मुश्किल दौर है। तदर्थ शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाती है तो वे गंभीर वित्तीय व मानसिक समस्याओं का सामना करेंगे।