चक्रवाती तूफान टाक्टे में डूबे बजरे P-305 में लापता लोगों की तलाश जारी, 188 को किया रेस्क्यू; 37 शव बरामद

 

188 लोगों को बजरे P-305 से बचाया गया

इंडियन कोस्ट गॉर्ड ने बुधवार को बताया कि तारापुर के पास लंगर डाले एमवी डेनाली के सभी चालक दल सुरक्षित हैं। दीव के दक्षिण में 19 समुद्री मील की दूरी पर गए एक अन्य पोत एमवी समरपन का चालक दल भी सुरक्षित है।

मुंबई, एएनआइ। चक्रवाती तूफान टाक्टे ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इस विनाशकारी तूफान के कारण मुंबई हाई के बीच समुद्र में डूबे बजरे P-305 से लापता लोगों के अभी तक 37 शव निकाले जा चुके हैं वहीं, 188 लोगों को बचा लिया गया है। गुरुवार को भारतीय नौसेना ने इस संबंध में जानकारी दी है।

नौसेना ने एक बयान में कहा कि तटरक्षक बल की एक यूनिट अरब सागर में बचाव अभियान में लगी है और जहाज में लापता लोगों को खोज रही है। इंडियन नेवी ने एक ट्वीट कर कहा, 'अभी तक 188 लोगों को बचाया गया है और 37 ब्रेव नेचर विक्टिम्स (BNVs) के शव बरामद किए गए हैं। शवों और बचाए गए लोगों को उतारने के लिए आईएनएस कोलकाता मुंबई पहुंच चुका है। आईएनएस कोच्चि एसएआर प्रयासों में फिर से शामिल हो गया है। भारतीय नौसेना के जहाज और विमान लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश में जुटे हैं। कोस्ट गार्ड यूनिट्स एसएआर प्रयास में शामिल हो गई हैं।'

इसके अलावा नौसेना ने टगबोट, वरप्रदा से दो और व्यक्तियों को भी बचाया, जो चक्रवाती तूफान के कारण अरब सागर में बह गए थे। इस बीच, इंडियन कोस्ट गॉर्ड ने बुधवार को बताया कि तारापुर के पास लंगर डाले एमवी डेनाली के सभी चालक दल सुरक्षित हैं। दीव के दक्षिण में 19 समुद्री मील की दूरी पर गए एक अन्य पोत एमवी समरपन का चालक दल भी सुरक्षित है। इन दोनों जहाजों की निगरानी मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर मुंबई (MRCC) द्वारा की जा रही है।बता दें कि इस चक्रवाती तूफान ने रविवार से रौद्र रूप धारण कर लिया था और तीन दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी तबाही मचाई। हालांकि बुधवार को चक्रवात की तीव्रता कमजोर रही लेकिन दिन के अधिकांश समय देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। चक्रवात टाक्टे ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम की स्थिति को प्रभावित किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली शामिल हैं, जहां भारी बारिश देखी गई।