दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रोकने पर SC ने कहा-HC में है मामला, हम हस्‍तक्षेप नहीं करेंगे

Facebook

दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रोकने पर SC में सुनवाई

दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रोकने पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि इन्हीं याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली HC में याचिका दाखिल की है। उस पर 17 मई को सुनवाई है।

नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रोकने पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि इन्हीं याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली HC में याचिका दाखिल की है। उस पर 17 मई को सुनवाई है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि इस प्रक्रिया में  देरी से मज़दूरों पर कोविड का खतरा है। उन्होंने कहा,  'हम मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, मौतें हो रहीं हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन ऑथोरिटी ने सारा निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया हुआ है लेकिन सेंट्रल विस्टा में काम जारी है।' उन्होंने आगे कहा, 'निर्माण कोई अनिवार्य गतिविधि नहीं है इसे रोका जा सकता है।' 

मामले में फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। SC ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस से सोमवार को सुनवाई का अनुरोध कर सकते हैं। फिलहाल हाईकोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है और हम दखल नहीं देंगे। गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि मुद्दा बहुत सरल है, परियोजना जनवरी में पारित हो गई है। जहां तक ​​मानव जीवन का सवाल है, सरकार का दायित्व है कि हमारे मानव जीवन की रक्षा करे।

याचिकाकर्ता ने कहा कि देश में स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह से विफल हो गई है। उन्‍होंने कहा कि हमें इस मामले में चिंतित होने की जरूरत है, जबकि सरकार केवल 3-4 किमी के निर्माण को लेकर चिंतित हैं। उन्‍होंने सवाल उठाया कि जब देश में स्वास्थ्य आपातकाल जैसा माहौल है तो ऐसे में निर्माण कार्य कैसे चल सकता है। जब मजदूरों के स्वास्थ्य खराब होंगे तो स्थिति और खराब हो जाएगी। हम पूरे प्रोजेक्ट पर रोक नहीं चाहते बल्कि इंडिया गेट के आसपास पर रोक चाहते हैं लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में 17 मई तक सुनवाई टाल दी है।