कीर्तिमान: खड़गपुर के अर्चिष्मान ने 14 साल की उम्र में सबसे ज्यादा ओलंपियाड जीतने का बनाया रिकॉर्ड


अर्चिष्मान ने 73 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में हासिल की है जीत

अर्चिष्मान नंदी ने 73 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में हासिल की है जीत। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम हुआ दर्ज अर्चिष्मान ने वर्चुअल नेशनल कांफ्रेंस में गणित पर अनुसंधान पत्र दाखिल करने वाले सबसे युवा प्रतिभागी भी है।

 कोलकाता । बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के छोटे से शहर खड़गपुर के एक छात्र ने महज 14 साल की उम्र में सबसे ज्यादा ओलंपियाड जीतने की उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। इस बाबत 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में उसका नाम दर्ज हुआ है। छोटी सी उम्र में बड़ा कारनामा करने वाले इस छात्र का नाम है अर्चिष्मान नंदी। अर्चिष्मान खड़गपुर के सेंट एग्नेस स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है। उसने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक संस्थाओं की ओर से आयोजित किए गए ओलंपियाड में हिस्सा लेकर यह रिकॉर्ड बनाया है।

अर्चिष्मान ने अब तक 11 राष्ट्रीय, 51 अंतरराष्ट्रीय एवं 10 एशियाई ओलंपियाड समेत गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान समेत विभिन्न विषयों पर आयोजित हुए ओलंपियाड में हिस्सा लेकर उनमें से 73 में जीत हासिल की है। अर्चिष्मान ने सबसे ज्यादा ओलंपियाड (132) के लिए क्वालीफाई किया है। इसके साथ ही वह वर्चुअल नेशनल कांफ्रेंस में गणित पर अनुसंधान पत्र दाखिल करने वाले सबसे युवा प्रतिभागी भी है।

अर्चिष्मान ने कहा-'ज्यादातर लोग गणित को बहुत कठिन विषय मानते हैं लेकिन मैं यही कहूंगा कि किसी भी विषय का गहराई से अध्ययन करने की जरूरत है। इससे उस विषय के प्रति प्रेम पैदा होता है और फिर वह विषय बेहद सहज लगने लगता है और गणित तो ऐसा विषय है, जो हमारे जीवन से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। पांच साल की उम्र से ही मेरा इस विषय से बेहद लगाव है।' गौरतलब है कि अर्चिष्मान को थाईलैंड इंटरनेशनल मैथमेटिकल ओलंपियाड और जर्मनी के इंटरनेशनल मैर यूथ चैलेंज में स्वर्ण पदक मिल चुका है।

2019-20 में 'इंटरनेशनल टैलेंट हंट ओलंपियाड' में रैंक वन किया था हासिल

खड़गपुर के बारोबेटिया इलाके के रहने वाले अर्चिष्मान ने इससे पहले शिक्षा सत्र 2019-20 में आयोजित हुए 'इंटरनेशनल टैलेंट हंट ओलंपियाड' में 100 में 100 अंक हासिल कर रैंक वन हासिल किया था। इसमें श्रीलंका, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल समेत 14 देशों के स्कूलों ने भाग लिया था। विजेता के तौर पर प्रोत्साहन स्वरुप अर्चिष्मान को 2,000 रुपये की रकम मिली थी, जो उसने बंगाल सरकार के आपदा राहत कोष में दान कर दी थी। इसी तरह टेस्ट फॉर साइंटिस्ट टेस्ट में अर्चिष्मान 2017 से 2019 तक लगातार तीन बार अव्वल रहा। वहां भी बतौर पुरस्कार उसे 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली थी। उसने उसे भी प्रधानमंत्री आपात राहत कोष में दान कर दिया था।अर्चिष्मान को चित्रकारी व कविताएं लिखने का शौक है। क्रिकेट,फुटबॉल व बैडमिंटन जैसे खेलों में उसकी दिलचस्पी है।