केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में जमा कराई इटली से मिली मुआवजे की राशि, अगली सुनवाई 15 को


केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में जमा कराई इटली से मिली मुआवजे की राशि

2012 में केरल के दो मछुआरों की इटली के नौसैनिकों ने हत्या कर दी थी। इन्हीं मृतक मछुआरों केे परिजनों के लिए इटली ने बतौर मुआवजा 10 करोड़ रुपये दिया है। इटली के इन दोषी नौसैनिकों के खिलाफ भारत में आपराधिक मामला चल रहा है।

नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट  ने केंद्र सरकार से शुक्रवार को बताया कि बतौर मुआवजा इटली से मिली धनराशि का भुगतान कोर्ट में कर दिया गया है। अब इस धनराशि को पीड़ितों के परिजनों तक पहुंचाने पर सुप्रीम कोर्ट  15 जून को अपना फैसला सुनाएगा। जस्टिस इंदिरा बनर्जी और एमआर शाह  ने कहा कि केरल हाई कोर्ट ) से इसमें मदद मांगी जा सकती है ताकि पीड़ितों के परिजनों तक सही तरीके से मुआवजे का वितरण हो।

दरअसल 2012 में केरल के दो मछुआरों की इटली के नौसैनिकों ने हत्या कर दी थी। इन्हीं मृतक मछुआरों केे परिजनों के लिए इटली ने बतौर मुआवजा 10 करोड़ रुपये दिया है। इटली के इन दोषी नौसैनिकों के खिलाफ भारत में आपराधिक मामला चल रहा है। 15 फरवरी 2012 को केरल में इटली के दो नौसेैनिकों ने दो भारतीय मछुआरों की हत्या कर दी थी। बता दें कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मामले की सुनवाई को बंद करने का आग्रह किया था और नुकसान की भरपाई के लिए इटली से हर्जाने का भुगतान करने को कहा था केंद्र ने कोर्ट से कहा था कि भारत ने UN Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) के फैसले को मानने का फैसला किया है क्योंकि इसके बाद कोई अपील नहीं हो सकती और ये अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नियमों के मुताबिक बाध्यकारी है इसलिए कोर्ट मामले में लंबित सुनवाई को बंद कर दे। हालांकि तत्कालिन केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आपत्ति जताई थी।