भाजपा विधायकों की बैठक 15 जून को, भूपेंद्र यादव के पहुंचने से शुरू हुई अटकलें

 


पार्टी के प्रभारी एवं सांसद भूपेंद्र यादव भी शुक्रवार को गांधीनगर पहुंचे।

15 जून को गुजरात (Gujarat) में भाजपा विधायकों की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के बोर्ड तथा निगमों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी इसमें कोई फैसला होगा। भूपेंद्र यादव  भी शुक्रवार को गांधीनगर पहुंच गए हैं।

अहमदाबाद,  संवाददाता। गुजरात के भाजपा विधायकों की बैठक 15 जून को गांधीनगर में होगी। इसमें कोरोना महामारी, प्रदेश में विकास कार्यों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि राज्य के बोर्ड तथा निगमों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी इसमें कोई फैसला होगा। पार्टी के प्रभारी एवं सांसद भूपेंद्र यादव भी शुक्रवार को गांधीनगर पहुंचे।

गांधीनगर में पिछले दो-तीन दिनों से भाजपा विधायक अपनी-अपनी लोबिंग में लगे हैं। मंत्रिमंडल में स्थान नहीं पा सके भाजपा विधायक तथा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल किए कुछ विधायकों को बोर्ड निगम मिलने की उम्मीद है। इसीलिए गांधीनगर में हर विधायक अपनी लॉबिंग में लगा है। कोरोना महामारी के दौरान विधायकों की ओर से किए गए जनसेवा कार्य को भी इसमें प्राथमिकता दी जा सकती है।

गुजरात भाजपा के प्रभारी एवं सांसद भूपेंद्र यादव के गुजरात पहुंचने से कई अटकलें भी शुरू हो गई है। गुजरात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल काफी ताकतवर माने जाते हैं इस कारण दक्षिण गुजरात के विधायक सरकार एवं संगठन के बीच संतुलन बनाने में लगे हैं। सूरत में पांच हजार रेमडेसीविर इंजेक्शन भाजपा की ओर से निशुल्क बांटने को लेकर चर्चा में आए विधायक हर्ष संघवी काफी सक्रिय विधायक माने जाते हैं लेकिन रुपाणी व पाटिल के पावर गेम में संघवी को नुकसान हो सकता है।

रुपाणी से जब भाजपा की ओर से इंजेक्शन बांटने को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका दो टूक यही कहना था कि जो इंजेक्शन बांट रहे हैं उनसे ही पूछना चाहिए। सरकार ने उस दौरान सरकारी अस्पताल अथवा प्राधिकृत फार्मेसी कंपनी के माध्यम से ही इंजेक्शन की बिक्री तथा वितरण की व्यवस्था की थी ताकि इंजेक्शन की कालाबाजारी तथा मुनाफाखोरी को रोका जा सके।

इससे पहले पाटिल ने भाजपा कार्यालय पर आकर मंत्रियों के द्वारा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने का फरमान जारी किया था इसको लेकर काफी चर्चा हुई लेकिन बाद में स्वर्णिम संकुल में ही बैठकर मंत्री जनता एवं कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने लगे। अब एक बार फिर बोर्ड निगम को लेकर विधायकों में उम्मीद जगी है लेकिन रुपाणी तथा पाटिल खेमें में बंटे विधायक असमंजस की स्थिति में हैं। मंत्रिमंडल में जगह नहीं पा सके विधायक अब बोर्ड निगम के लिए आशा लगाएं तथा गांधीनगर में अपने लिए लाबिंग में भी जुटे हैं।