ट्रंप के बाद ब्लिंकन का चीन पर हमला, कहा- कोविड-19 के लिए जवाबदेह है चीन


कोरोना के स्रोत तक पहुंचने में सहयोग करे चीन: ब्लिंकन

अमेरिकी विदेश मंत्री ने चीन को महामारी कोविड-19 के लिए जवाबदेह करार देते हुए कोरोना वायरस के स्रोत तक पहुंचने में सहयोग करने को कहा है। इस क्रम में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंंप ने दुनिया से कहा है कि चीन से महामारी के कारण हुए नुकसान का मुआवजा मांगा जाना चाहिए।

वाशिंगटन, एएनआइ।  अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि चीन कोरोना वायरस (कोविड-19) के स्रोत तक पहुंचने में सहयोग करे। उन्होंने यह भी कहा कि इस देश को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। अमेरिका इस वायरस की उत्पत्ति की जड़ तक जाना चाहता है। ब्लिंकन का यह बयान ऐसे समय आया, जब कोरोना के स्रोत का पता लगाने के लिए नए सिरे से जांच की मांग बढ़ती जा रही है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने रविवार को एचबीओ पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा, 'हमारे लिए इसकी तह तक जाने का सबसे अहम कारण यह है कि हम अगली महामारी को रोकने में सक्षम हो सकते हैं।' ब्लिंकन ने बताया कि बाइडन प्रशासन कोरोना की उत्पत्ति की जड़ तक पहुंचने के लिए दृढ़ है। चीन ने वह पारदर्शिता नहीं दिखाई, जिसकी जरूरत है। उसे जवाबदेह ठहराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने चीन से महामारी संबंधी सभी जानकारी उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए पूर्ण अनुमति देने की अपील की। इससे पहले शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और अन्य देशों से कहा कि वे कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान के लिए चीन से क्षतिपूर्ति की मांग करें।

बाइडन ने दिया यह आदेश

राष्ट्रपति जो बाइडन ने गत 26 मई को अमेरिकी खुफिया एजेंसियां को आदेश दिया था कि वे कोरोना के स्रोत का पता लगाने के लिए गहराई से जांच कर 90 दिनों में उनके समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह संदेह जताया जाता है कि चीनी लैब वुहान इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी से ही किसी चूक के चलते कोरोना लीक हुआ और पूरी दुनिया में फैल गया।

बता दें कि दुनिया भर में महामारी का रूप लेने वाले कोविड-19 के पीछे जो घातक कोरोना वायरस है उससे संक्रमण का पहला मामला चीन के वुहान में ही आया था। 2019 के अंत में आए पहले मामले के बाद दो-तीन माह के भीतर ही यह पूरी दुनिया में फैल गया।