अफगानिस्तान में नहीं रुक रही हिंसा, शांति प्रक्रिया के बीच 2 दिनों में 119 लोगों की मौत


पीठले साल अलग-अलग हमलों में कुल हताहतों में से 330 महिलाएं और 565 बच्चे मारे गए थे।

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि 3 जून को आठ प्रांतों में अफगान सुरक्षाबलों के अभियानों में 183 तालिबान मारे गए और 4 जून को छह प्रांतों में 181 आतंकवादी मारे गए थे। हालांकि तालिबान ने इन आंकड़ों को खारिज कर दिया है।

काबुल, आएएनएस। अफगानिस्तान में रुकी हुई शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के प्रयासों के बावजूद हिंसा का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रही है। केवल दो दिनों ( 3-4 जून) में सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़पों में कुल 119 लोग मारे जा चुके हैं। स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अलग-अलग हमलों में कुल हताहतों में से 330 महिलाएं और 565 बच्चे मारे गए थे।

टोलो न्यूज की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस दौरान 196 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं। अधिकारी के मुताबिक, 3 जून को 54 लोग मारे गए, जबकि अगले दिन 4 जून को 65 लोग हताहत हुए है। अधिकारी ने कहा कि 119 पीड़ितों में से 102 सुरक्षा बलों के सदस्य थे। इन दो दिनों में 17 नागरिक भी हताहत हुए है, जबकि 55 लोग घायल हो गए हैं।

इस बीच, रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि 3 जून को आठ प्रांतों में अफगान सुरक्षाबलों के अभियानों में 183 तालिबान मारे गए और 4 जून को छह प्रांतों में 181 आतंकवादी मारे गए थे। हालांकि, तालिबान ने इन आंकड़ों को खारिज कर दिया है।

देश के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग के अनुसार, पिछले साल देश में हिंसा के कारण 2,950 से अधिक नागरिक मारे गए और 5,540 से अधिक घायल हो गए। एजेंसी ने इस अवधि में 53 प्रतिशत नागरिक हताहतों के लिए तालिबान और 15 प्रतिशत सरकार समर्थक सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि 25 प्रतिशत अज्ञात अपराधियों के कारण हुए और शेष 7 प्रतिशत अन्य कारणों से दोषी ठहराया गया।