2 लाख गांवों के लिए आवंटित हुए 40,700 करोड़ रूपये, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण को दिया जाएगा बढ़ावा

 


राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वार्षिक कार्यान्वयन योजना को मंजूरी मिली

जहां केंद्र सरकार का हिस्सा लगभग 14000 करोड़ रूपये होगा वहीं राज्य 8300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेंगे। पंद्रहवें वित्त आयोग के माध्यम से 12730 करोड़ रुपये और मनरेगा के साथ अभिसरण के माध्यम से 4100 रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

नई दिल्ली, एजेंसियां। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने करोड़ो रूपये आवंटित किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएम-जी) फेज दो के तहत जल शक्ति मंत्रालय ने 40 ,700 करोड़ रूपये आवंटित किए हैं। ये आवंटन वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए किया गया है। इन करोड़ों रूपयों के माध्यम से सरकार दो लाख से अधिक गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) का कार्य किया जाएगा।

मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान एसबीएम-जी की राष्ट्रीय योजना मंजूरी समिति ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वार्षिक कार्यान्वयन योजना को मंजूरी दी।

इस बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार का हिस्सा लगभग 14,000 करोड़ रूपये होगा, वहीं राज्य 8300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेंगे। पंद्रहवें वित्त आयोग के माध्यम से 12,730 करोड़ रुपये और मनरेगा के साथ अभिसरण के माध्यम से 4,100 रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा, राज्यों द्वारा अन्य स्रोतों जैसे 1500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। जिसमें बिजनेस मॉडल, सीएसआर, अन्य योजनाएं आदि शामिल हैं।

2021-2022 में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेद दो के कार्यान्वयन में 50 लाख से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल), एक लाख सामुदायिक शौचालय, भारत के 2400 से अधिक ब्लॉकों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों, 386 जिलों में गोवर्धन परियोजनाओं, मल कीचड़ का निर्माण किया जाएगा। एसएलडब्ल्यूएम हस्तक्षेपों के कार्यान्वयन में 2 लाख से अधिक गांवों के लिए लक्षित समर्थन के अलावा 250 से अधिक जिलों में प्रबंधन व्यवस्था भी किया जाएगा।

बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के फेज दो का उद्देश्य ओडीएफ स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करके और गांवों में एसएलडब्ल्यूएम व्यवस्था सुनिश्चित करके गांवों में व्यापक स्वच्छता प्राप्त करना है, जिसे ओडीएफ प्लस स्थिति भी कहा जाता है।