भारत के सरकारी प्रतिष्ठानों पर 2014 से हमले कर रहा चीनी एजेंट, जिसका सीधा संबंध है चीन की सेना से

 


वर्ष 2014 से ही 'रेडफाक्सट्रॉट' बड़ी प्रमुखता से साइबर हमले कर रहा है

वर्ष 2014 से ही रेडफाक्सट्रॉट बड़ी प्रमुखता से भारत और कई अन्य देशों के एयरोस्पेस रक्षा सरकार दूरसंचार खनन और अनुसंधान संगठनों को लगातार निशाना बना रहा है। रिकार्डेड फ्यूचर के मुताबिक खुफिया जानकारियां चुराने की गतिविधियों में सबसे अधिक सक्रिय चीन सरकार का प्रायोजित समूह रेडफाक्सट्रॉट है।

नई दिल्ली, आइएएनएस। वर्ष 2014 से ही 'रेडफाक्सट्रॉट' बड़ी प्रमुखता से भारत और कई अन्य देशों के एयरोस्पेस, रक्षा, सरकार, दूरसंचार, खनन और अनुसंधान संगठनों को लगातार निशाना बना रहा है। भारत के साथ ही वह जैसे अफगानिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान पर भी साइबर हमले कर रहा है।

हमलों के प्रमुख स्रोत रेडफाक्सट्रॉट का सीधा संबंध चीनी सेना पीएलए की 69010 यूनिट से

भारत पर होने वाले इन साइबर हमलों का प्रमुख स्रोत रेडफाक्सट्रॉट है, जिसका सीधा संबंध चीन की सेना पीएलए की 69010 से है। प्रतिष्ठानों को खुफिया स्तर पर सुरक्षा प्रदान करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी 'रिकार्डेड फ्यूचर' के मुताबिक खुफिया जानकारियां चुराने की गतिविधियों में सबसे अधिक सक्रिय चीन सरकार का प्रायोजित समूह 'रेडफाक्सट्रॉट' है। साइबर हमले करने वाले इस चीनी संगठन का सीधा संबंध चीनी सेना पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की यूनिट 69010 से है। यह यूनिट पीएलए की रणनीतिक सहायता बल (एसएसएफ) के तौर पर काम करती है।

ज्यादा घातक तरीके से साइबर हमलों में सक्रिय

वर्ष 2015 में पीएलए के पुनर्गठन के बाद से ज्यादा घातक तरीके से साइबर हमलों में सक्रिय है। बड़े पैमाने पर स्वचालित नेटवर्क ट्रैफिक विश्लेषक और विशेषज्ञ 'रिकार्डेड फ्यूचर' ने अपनी जांच में पाया कि एशियाई देशों की सीमाओं के परे यह साइबर हमले किए जा रहे थे। यह हमले वर्ष 2014 से जारी हैं। रेडफाक्सट्रॉट ने पीएलए की यूनिट 69010 की साठगांठ से भारत के रक्षा, एयरोस्पेस, सरकार, दूरसंचार से लेकर सभी अहम प्रतिष्ठानों पर निशाना लगाया है।

घातक हमलों से सरकार या संगठनों को पहले से सावधान कर पाना संभव नहीं

रेडफाक्सट्रॉट बड़े पैमाने पर आपरेशनल इंफ्रास्ट्रकचर की देखरेख करता है। चीन के साइबर खुफिया समूहों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले बीस्पोक और आम तौर पर उपलब्ध मेलवेयर का उपयोग करता है। रेडफाक्सट्रॉट अन्य खतरनाक समूहों जैसे टेम्प, ट्रिडेंट और नोमेड पांडा के साथ संबद्ध होता है। रिकार्डेड फ्यूचर के सीईओ क्रिस्टोफर एलबर्ग ने बताया कि इन घातक हमलों से सरकार या संगठनों को पहले से सावधान कर पाना संभव नहीं है।