ब्रिटिश नागरिकों को कर चोरी का भय दिखाकर की जाती थी ठगी, 21 लोग गिरफ्तार


ब्रिटिश राजदूतावास ने पुलिस से संपर्क कर मांगी पूरी जानकारी

पुलिस के अनुसार यह फर्जी काल सेंटर नारायणा गांव के पास चलाया जा रहा था। नारायणा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर समीर श्रीवास्तव के नेतृत्व व एसीपी विजय सिंह की देखरेख में काल सेंटर का पता लगते ही पुलिस ने यहां छापा मारा।

नई दिल्ली। नारायणा इलाके में चल रहे एक काल सेंटर से ग्रेट ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को टैक्स व कस्टम आडिट की बात कहकर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। इनके कामकाज के तरीके से अनुमान लगाया जा रहा है कि रोजाना ये लोग वहां के सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। आलम यह है कि इस मामले में ब्रिटिश उच्चायोग से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क कर इस पूरे मामले की जानकारी मांगी है। प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में जांच कर सकती है।

नारायणा थाना पुलिस ने काल सेंटर का पता लगाया जहां से किया जाता था काल

सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर नारायणा थाना पुलिस ने इस काल सेंटर का पता लगाया और यहां काम करने वाले 21 लोगों को दबोच लिया। यहां जो लोग काम कर रहे थे, उन्हें काल सेंटर संचालक अच्छी खासी तनख्वाह देते थे। उन कर्मियों को तनख्वाह के अलावा भी पैसा दिया जाता था जो अधिक से अधिक लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। गिरफ्तार आरोपितों में सागरिका, बाला, योगेंद्र, मुदित, मानव, राजू कौश्तभ, अजय, आशुतोष, निखिल, राहुल, जतिन, इशान, अभिषेक, केशव, धर्मेश, अंकित, आशिक, आशीष, हर्षित, रोहन, योगेश शामिल है। इनमें सागरिका व बाला के जिम्मे पूरे फ्लोर काे संभालने की जिम्मेदारी थी। अभी इस मामले में मुख्य आरोपित फरार है जिसकी तलाश में छापेमारी चल रही है।

पुलिस के अनुसार यह फर्जी काल सेंटर नारायणा गांव के पास चलाया जा रहा था। नारायणा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर समीर श्रीवास्तव के नेतृत्व व एसीपी विजय सिंह की देखरेख में काल सेंटर का पता लगते ही पुलिस ने यहां छापा मारा। पुलिस ने मौके पर पाया कि यहां गैर कानूनी तौर से इंटरनेट काल का इस्तेमाल कर ग्रेट ब्रिटेन के लोगों से संपर्क किया जा रहा है।

प्रवर्तन निदेशालय भी कर सकती है छानबीन

पुलिस के अनुसार यहां प्रतिदिन सुबह के समय ये लोग एक साथ करीब 50 हजार लोगों को इंटरनेट पर संदेश भेजकर उनसे कर चोरी व कस्टम जांच में गड़बड़ी को लेकर जुर्माना लगाने की बात कहते थे। यह संदेश भले ही भारत से भेजे जाते थे लेकिन वहां की वेबसाइट को ये कुछ देर के लिए हैक कर लेते जिससे कि वहां जब लोगों को यह संदेश मिलता था तो उन्हें लगता कि ये संदेश वहां ब्रिटेन के राजस्व विभाग की ओर से भेजे गए हैं।

डरकर कई लोग इनके दिए नंबर पर फोन करते थे। इसके बाद यहां काल सेंटर में काम करने वाले कर्मी उन्हें झांसे में लेते थे। ये अपने शिकार को कर अदा करने के लिए राजी करते थे। लेनदेन के लिए ये लोग आनलाइन प्लेटफार्म का ही इस्तेमाल करते थे। जैसे ही इनके बताए खाते में पैसा आता तो ये लोग शिकार का मोबाइल नंबर ब्लाक कर देते थे। पुलिस को पता चला कि यहां ऐसे लोगों को ही नौकरी पर रखा जाता था जिनके बोलने का अंदाज ब्रिटिश अंग्रेजी बोली से मिलता हो, ताकि शक की गुंजाइश न हो। इसके अलावा वहां की कर व्यवस्था के बारे में भी ये अपने कर्मियों को बताते थे ताकि शिकार यदि कोई सवाल पूछे तो ये उन्हें झांसे में ले सकें।