ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की बात, महामारी व मंत्रिस्तरीय 2+2 वार्ता पर हुई चर्चा

 


ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की बात

भारत और ऑस्ट्रेलिया के रक्षामंत्रियों के बीच आज वार्ता हुई। इसमें महामारी कोविड-19 से लड़ने के हालातों पर चर्चा की गई। इसमें मंत्रिस्तरीय 2+2 वार्ता का भी जिक्र हुआ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस बारे में सिलसिलेवार ट्वीट कर जानकारी दी है।

 नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पीटर डट्टन से बात की। दोनों देशों के रक्षामंत्रियों के बीच महामारी कोविड-19 से बिगड़े हालात को लेकर बाचीत हुई। इसके अलावा मंत्रिस्तरीय 2+2 वार्ता के मामले पर भी चर्चा हुई।

रक्षा मंत्री ने बताया, 'ऑस्ट्रेलिया के साथ समग्र रणनीतिक भागीदारी लागू करने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोनों देश मंत्रिस्तरीय 2्+2 वार्ता को जल्द आयोजित करने के लिए आशान्वित हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री पीटर डटन से कोविड-19 महामारी के खिलाफ दोनों देशों द्वारा उठाए जा रहे कदमों को लेकर बात हुई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक भागदारी के आधार पर लोगों के बीच बेहतर संबंध हैं।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए सिलसिलेवार ट्वीट में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझीदारी और लोगों के बीच संपर्क के साथ दोनों देशों के गहरे आपसी संबंध की बात कही। उन्होंने कैनबरा के साथ भारत की पूरी प्रतिबद्धता की बात दोहराई। ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री पीटर डट्टन से बात हुई। इसमें कोविड-19 महामारी से लड़ाई में उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध है।'

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने बताया कि कोविड-19 से जंग में भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सेना ने पूरी तरह से भारत को सहयोग दिया। उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के साथ रणनीतिक साझीदारी को लागू करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है। जितनी जल्द हो सके दोनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय 2+2 वार्ता आयोजित की जाएगी।' 

बता दें कि पिछले साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑर ऑस्ट्रेलिया के उनके समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के बीच डिजिटल शिखर वार्ता के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समग्र रणनीतिक भागीदारी की थी और साजो सामान की मदद के लिए एक दूसरे के सैन्य बेस तक पहुंच को ले कर समझौता किया था।