पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के नाम पर नौकरी दिलाने के बहाने ठगी, 27000 बेरोजगार फंसे इस जाल में

 


नौकरी दिलाने के बहाने ठगी, बेरोजगार फंसे जाल में

गुजरात पुलिस ने इस पोस्ट की जांच की तो इसमें दिए गए ईमेल आईडी निजी है तथा उनका सरकार से कोई लेनादेना नहीं है। गुजरात के करीब 27000 बेरोजगार इस जाल में फंस चुके हैं और लाखों रुपए पंजीकरण शुल्क तथा यूनिफॉर्म आदि के नाम पर ठगे जा चुके हैं।

अहमदाबाद, संवाददाता। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के नाम पर नौकरी दिलाने के बहाने ठगी का मामला सामने आया है। इस फर्जी नेटवर्क के जाल में गुजरात के हजारों युवक फंसकर लाखों रुपए गंवा चुके हैं। भारतीय जन स्वास्थ्य ग्रामीण कल्याण संस्थान के नाम से इंटरनेट मीडिया में मैसेज वायरल कर बेरोजगार युवकों को ढकने वाले एक गिरोह का पता चला है। इंटरनेट मीडिया में भर्ती की पोस्ट वायरल करके बेरोजगार युवकों को स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफिसर कंप्यूटर ऑपरेटर ड्राइवर आदि पदों पर नौकरी का झांसा देकर ढाई से तीन हजार रुपए पंजीकरण शुल्क के नाम पर ऑनलाइन ठग लेते हैं।

मैसेज के साथ दी गई लिंक पर जाने पर वहां भारतीय जन स्वास्थ्य ग्रामीण कल्याण संस्थान का पेज खुलता है जिसमें 2005 में किसी योजना का उद्घाटन डॉ मनमोहन सिंह के द्वारा किया गया बताया गया जबकि डॉ मनमोहन सिंह अथवा किसी भी केंद्र सरकार ने इस तरह की योजना की कभी शुरुआत ही नहीं की। वेबसाइट भी सरकारी ग्रुप जीओवी के बजाय ओआरजी के डोमेन के साथ घूमती है।

गुजरात पुलिस ने इस पोस्ट की जांच की तो इसका डोमेन व रजिस्ट्रेशन 12 दिन पहले का ही बताता है। इसका आईपी लोकेशन हरियाणा का फरीदाबाद क्या बताता है इसमें दिए गए ईमेल आईडी भी निजी है तथा उनका सरकार से कोई लेना देना नहीं है। गुजरात के करीब 27000 बेरोजगार इस जाल में फंस चुके हैं और लाखों रुपए पंजीकरण शुल्क तथा यूनिफॉर्म आदि के नाम पर ठगे जा चुके हैं। पुलिस ने आशंका यह भी जताई है कि इसके जरिए बड़ी संख्या में गुजरात के लोगों के आधार व पान कार्ड नंबर के डेटा भी चुरा लिए गए।

गुजरात सरकार में भर्ती के नाम पर 260 युवकों से ठगी। गांधीनगर पुलिस ने गुजरात सरकार की गौण सेवा पसंदगी मंडल संस्था के नाम से युवकों को डिप्टी कलेक्टर क्लर्क ग्राम सेवक तथा तहसीलदार के पदों पर भर्ती कराने का झांसा देकर 40 से 50 हजार रुपए एक एक बेरोजगार से ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गांधीनगर की स्लीप इन होटल के कमरों पर छापा मारकर वलसाड की उप जिलाधीश बनकर बैठी हेतवी पटेल तथा उसके 4 साथी संजय पटेल प्रणव पटेल कुणाल मेहता तथा नीरज गरासिया को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से राज्य सरकार के फर्जी लेटर हेड तथा कई विभागों की मुहरें बरामद की है।