देहरादून में आइएमए कैडेट ने डिप्टी कमान्डेंट परेड में दिखाया दमखम, शनिवार को पास आउट होंगे 425 कैडेट

 


देहरादून में आइएमए कैडेट ने डिप्टी कमान्डेंट परेड में दिखाया दमखम।

आत्मविश्वास व जोश से लबरेज जेंटलमैन कैडेट ने पासिंग आउट परेड के रैतिक पूर्वाभ्यास में देशभक्ति से भरपूर गीत पर कदम से कदम मिलाते हुए आइएमए के ड्रिल स्क्वायर पर परेड की। जब उन्होंने अंतिम पग भरा तो हेलीकॉप्टरों ने उन पर पुष्प वर्षा की।

संवाददाता, देहरादून। हिम्मत तेरी बढ़ती रहे, खुदा तेरी सुनता रहे। जो सामने तेरे खड़े, तू खाक में मिलाए जा। कदम-कदम बढ़ाए जा..। आत्मविश्वास व जोश से लबरेज जेंटलमैन कैडेट ने पासिंग आउट परेड के रैतिक पूर्वाभ्यास में देशभक्ति से भरपूर इस गीत पर कदम से कदम मिलाते हुए आइएमए के ड्रिल स्क्वायर पर परेड की। जब उन्होंने अंतिम पग भरा तो हेलीकॉप्टरों ने उन पर पुष्प वर्षा की। मौका था डिप्टी कमाडेंट परेड का। आइएमए के डिप्टी कमाडेंट एवं मुख्य प्रशिक्षक मेजर जनरल जेएस मंगत ने परेड की सलामी ली।

भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) से शनिवार को 425  कैडेट पास आउट होंगे, जिसमें 341 भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि अन्य 84 विदेशी कैडेट हैं। इन कैडेट ने मंगलवार को डिप्टी कमाडेंट परेड में कदमताल की। डिप्टी कमाडेंट ने कैडेटों में जोश भरते हुए कहा कि अच्छे आचरण व पराक्रम के साथ एक योद्धा की जिम्मेदारिया निभाएं। एक सैन्य अफसर की अपने हरेक जवान के प्रति जिम्मेदारी बनती है। उसके भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करें। ऐसे उदाहरण स्थापित करें कि वे गर्व से आपकी ओर देखें। यही अकादमी में सिखाया भी गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य दस्ता दुनिया में सबसे अच्छा, दिल से सरल, निर्विवाद, वफादार और देशभक्ति से भरा है। पर एक अधिकारी के रूप में आपको अपने इरादे और कार्यों की सत्यता व पवित्रता के आधार पर उनका सम्मान और विश्वास अर्जित करना होगा। यह विश्वास अगर बन गया तो वे हर युद्ध में अपना अनुसरण करेंगे और उसे जीत भी लेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण के सफल समापन पर विदेशी कैडेटों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विदेशी कैडेट ने यहां न सिर्फ जीवनभर के लिए दोस्त बनाए हैं, बल्कि अपने देश का भी बहुत अच्छे ढंग से प्रतिनिधित्व किया।