विजयवर्गीय बोले- बंगाल में राष्ट्रपति शासन जैसे हालात, अब तक 48 कार्यकर्ताओं की हो चुकी हत्या


भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने साधा निशाना।(फोटो: दैनिक जागरण)

विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में राजनीतिक हिंसा के आरोपों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है और जमकर केंद्र व राज्यपाल पर निशाना साधा। ममता ने कहा कि बंगाल में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर राजनीतिक हिंसा की कोई घटना नहीं हो रही है।

ग्वालियर, ब्यूरो। भाजपा के बंगाल के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में अब तक 48 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। बांग्लादेशी घुसपैठिए महिलाओं से दुष्कर्म कर रहे हैं। उनके खिलाफ एफआइआर तक दर्ज नहीं की जाती है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। वह गुरुवार को यहां मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल में अराजकता का माहौल है, लेकिन अभी वहां राष्ट्रपति शासन लगाना उचित नहीं होगा, क्योंकि डेढ़ महीने पहले ही जनमत से सरकार बनी है।

विजयवर्गीय ने कहा कि अब बंगाल विधानसभा की तस्वीर बदल गई है। कांग्रेस व वामपंथी गायब हो गए हैं। अब नीला ([टीएमसी)] और गेरूआ ([भाजपा)] रंग ही नजर आ रहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि खरीदने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ब्रांड के संत इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। उनमें एक शंकराचार्य भी शामिल हैं।

ममता का बंगाल में राजनीतिक हिंसा से इनकार

विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में राजनीतिक हिंसा के आरोपों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पूरी तरह से खारिज कर दिया और जमकर केंद्र व राज्यपाल पर निशाना साधा। ममता ने कहा कि बंगाल में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर राजनीतिक हिंसा की कोई घटना नहीं हो रही है। 

बंगाल भाजपा में ब़़ढा असंतोष, विजयवर्गीय व मेनन को हटाने की मांग

मुकुल-कैलाश की जोड़ी को प्रदेश भाजपा का एक वर्ग हमेशा से नापसंद करता रहा है। हालांकि ऐसे नेताओं ने इससे पहले शाह जैसे किसी केंद्रीय नेता को आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया था। अब आसनसोल जिला नेतृत्व के कुछ नेताओं ने शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने चुनाव में भाजपा की हार और मुकुल की तृणमूल कांग्रेस में वापसी के मद्देनजर यह कदम उठाया है। भाजपा नेताओं के मुताबिक आसनसोल में कैलाश, मेनन और मुकुल के व्यवहार के कारण भाजपा को संभावित सीटें गंवानी प़़डी हैं।