किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होंगे 'कप्तान' विराट कोहली के लिए अगले 6 महीने, ये है कारण

 


विराट कोहली अभी तीनों प्रारूपों के कप्तान हैं

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के लिए अगले 6 महीने काफी अहम होने वाले हैं। एक तरह से कप्तान के तौर पर विराट कोहली की अग्नि परीक्षा होने वाली है जिसमें अगर फेल होते हैं तो उनको कप्तानी पद से त्याग करना पड़ सकता है।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। विराट कोहली की कप्तानी में भले ही भारतीय टीम आइसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल हार गई हो, लेकिन आंकड़ों के हिसाब से विराट कोहली आज भी दुनिया के महान कप्तानों की लिस्ट में शुमार हैं। यहां तक कि देश को तीन आइसीसी ट्रॉफी जिताने वाले महेंद्र सिंह धौनी के आंकड़े भी कई बार विराट कोहली के कप्तानी वाले आंकड़ों के सामने फीके पड़ जाएं, लेकिन ये भी सच है कि विराट बड़े खिताबों से अभी दूर हैं।

कप्तान के तौर पर विराट कोहली के लिए अगले 6 महीने अग्नि परीक्षा के तौर पर हैं, क्योंकि उनको विराट कोहली को खुद को सर्वश्रेष्ठ कप्तान के तौर पर सिद्ध करने के लिए कुछ टूर्नामेंट और सीरीज जीतनी होंगी। दरअसल, बतौर कप्तान विराट कोहली के लिए अगस्त से दिसंबर तक का समय काफी अहम होने वाला है, जिसमें विराट कोहली को दो टेस्ट सीरीज, एक आइपीएल और एक टी20 विश्व कप खेलना है। यही वजह है कि विराट के लिए आने वाला समय अग्नि परीक्षा वाला है।

अब तक तीन आइसीसी इवेंट्स में कप्तानी कर चुके विराट कोहली आइसीसी ट्रॉफी से दूर हैं। इसके अलावा अपनी कप्तानी में उन्होंने कभी भी आइपीएल खिताब नहीं जीता है। इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज भी कप्तान के तौर पर विराट कोहली के लिए बड़ी चुनौती होगी, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत में होने वाली टेस्ट सीरीज भी कप्तान विराट कोहली के लिए अहम है। अगर इन बड़े टूर्नामेंट और सीरीजों में विराट कोहली असफल होते हैं तो फिर उनकी कप्तानी छीनी जा सकती है।

विराट कोहली की पहली चुनौती

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में हार का घूंट पीकर बैठी टीम इंडिया और कप्तान विराट कोहली के लिए इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज अहम है। इस टेस्ट सीरीज के साथ भारतीय टीम नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत कर रही है। ऐसे में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली चाहेंगे कि पिछले साल की तरह इस साल भी WTC के सीरीजों की शुरुआत जीत से की जाए, लेकिन चुनौती ये भी होगी कि भारत इंग्लैंड में लंबे समय से सीरीज नहीं जीत पाया है।

दूसरी चुनौती, आइपीएल ट्रॉफी

साल 2013 में विराट कोहली को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी मिली थी, लेकिन तब से अब तक आरसीबी एक भी खिताब नहीं जीत पाई है। वहीं, उन्हीं के साथ आइपीएल में कप्तानी करने वाले मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी रोहित शर्मा ने अपनी टीम को पांच ट्रॉफी जिताई हैं, लेकिन आइपीएल की अगली चुनौती कोहली के लिए ये भी है कि आरसीबी सितंबर से शुरू हो रहे आइपीएल 2021 के बाकी बचे सत्र में ट्रॉफी नहीं जीतते हैं तो उनके लिए ये कप्तान के तौर पर बड़ी असफलता होगी। ऐसे में कप्तान कोहली अपने ऊपर लगे कलंक को धुलना चाहेंगे।

तीसरी चुनौती, T20 वर्ल्ड कप

विराट कोहली के पास आइसीसी ट्रॉफी जीतने का एक और मौका होगा, जो शायद आखिरी भी साबित हो सकता है। अक्टूबर-नवंबर में यूएई में टी20 वर्ल्ड कप होना है और विराट टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे। अगर विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम से यहां कुछ ऊंच-नीच होती है तो फिर उनका भारतीय टीम का टी20 फॉर्मेट में कप्तान बने रहना चुनौती भरा होगा। हो सकता है कि उन्हें कम से कम सीमित ओवरों की क्रिकेट की कप्तानी से इस्तीफा देना पड़ जाए, क्योंकि रोहित शर्मा सीमित ओवरों के दमदार कप्तान हैं। उन्होंने आइपीएल में 5 ट्रॉफियों के अलावा देश को एशिया कप और निदहास ट्रॉफी जैसे मल्टीनेशन टूर्नामेंट जिताए हैं। साथ ही साथ द्विपक्षीय सीरीजों में भी उनका रिकॉर्ड शानदार है।

कप्तान कोहली की चौथी चुनौती

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के साथ अपने घर पर नवंबर में 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। भारत के पास कीवी टीम से बदला लेने का मौका जरूर है, लेकिन जिस तरह से न्यूजीलैंड की टीम ने पिछले कुछ मैचों में भारत की कमर तोड़ी है। उससे साफ लगता है कि भारत में भी कीवी टीम मेजबानों को टक्कर देगी। अगर अगस्त-सितंबर में इंग्लैंड में भारत का खराब प्रदर्शन होता है और न्यूजीलैंड की टीम भारत को भारत में हरा देती है तो फिर टेस्ट टीम की कप्तानी अंजिक्य रहाणे के पास जा सकती है, जो अभी तक एक भी टेस्ट मैच नहीं हारे हैं।