अब भारत में गूगल लगाएगा 80 ऑक्सीजन प्लांट, 113 करोड़ रुपये देने का किया एलान


अब भारत में गूगल लगाएगा 80 ऑक्सीजन प्लांट, 113 करोड़ रुपये देने का किया एलान

अब भारत में गूगल 80 ऑक्सीजन प्लांट की मदद के लिए सामने आया है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गूगल ने आज बताया कि उसकी परोपकार शाखा गूगल डॉट ऑर्ग (Google.org) विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर देश में 80 ऑक्सीजन प्लांटों की खरीद और स्थापना करेगा।

नई दिल्ली , पीटीआइ। अब भारत में गूगल 80 ऑक्सीजन प्लांट की मदद के लिए सामने आया है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गूगल ने आज बताया कि उसकी परोपकार शाखा गूगल डॉट ऑर्ग (Google.org) विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर देश में 80 ऑक्सीजन प्लांटों की खरीद और स्थापना करेगा। विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों के कौशल विकास में मदद के लिए कंपनी 113 करोड़ रुपये (1.55 करोड़ डॉलर) का अनुदान देगी।

बता दें कि गूगल डॉट ऑर्ग अपने इस एलान के तहत 80 ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के लिए गिवइंडिया को करीब 90 करोड़ रुपये और पाथ को करीब 18.5 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। इसके अलावा ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए अपोलो मेडस्किल्स के जरिए कोरोना प्रबंधन में 20,000 अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की तरफ ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए गूगल डॉट ऑर्ग भारत के 15 राज्यों में 180,000 आशा कार्यकर्ताओं और 40,000 एएनएम के कौशल विकास के लिए 3.6 करोड़ रुपये (पांच लाख अमरीकी डॉलर) का अनुदान अरमान को प्रदान करेगा।

स्थापित किए जाएंगे कॉल सेंटर

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल द्वारा अरमान को दिए गए इस अनुदान के इस्तेमाल से आशा और एएनएम को अतिरिक्त सहायता और सलाह प्रदान करने के लिए कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी। गूगल इंडिया के कंट्री हेड और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि गूगल में लोगों के पास सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी और उपकरण होने चाहिए। 

इससे पहले यूनीसेफ भी 9 ऑक्सीजन प्लांट लगाने का कर चुका है एलान

बता दें कि इससे पहले गूगल से पहले यूनिसेफ भी वैश्विक सहयोग के तहत भारत में नौ ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा कर चुका है। इसके साथ ही यूनीसेफ ने भारत को 4,500 से अधिक ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और 200 आरटी-पीसीआर जांच मशीनें उपलब्ध कराई थी। ये नौ ऑक्सीजन प्लांट गुजरात, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं।