कोरोना में खुल गई स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल, काम नहीं आया एक भी मोहल्ला क्लीनिक: विजेंद्र गुप्ता

 


पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार को दिखावा नहीं धरातल पर काम करना होगा।

सरकार की नाकामी से कोरोना से पीड़ित मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा कई लोगों की जान चली गई। विशेषज्ञ तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं परंतु दिल्ली सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं लग रही है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। कोरोना महामारी से लड़ाई में दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं को भाजपा ने नाकाफी बताया है। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व विधायक विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ने दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य से संबंधित बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर कर दिया है। विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की बात करने वाली सरकार की असलीयत सामने आ गई है। त्रासदी के समय मोहल्ला क्लीनिक का उपयोग मरीजों के इलाज के लिए नहीं किया जा सका।

सरकार की नाकामी से कोरनो से पीड़ित मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा, कई लोगों की जान चली गई। विशेषज्ञ तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं, परंतु दिल्ली सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं लग रही है। दिल्लीवासियों को बेहतर इलाज की दरकार है उन्हें मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है, इसलिए अरविंद केजरीवाल सरकार को दिखावे से ऊपर उठकर धरातल पर काम करना चाहिए।उन्होंने कहा कि महामारी से लड़ने में एक भी मोहल्ला क्लीनिक काम नहीं आया। वास्तव में मोहल्ला क्लीनिक एक खंडहर मकान की तरह है जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इनमें मरीजों के इलाज के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है। राजधानी में कई अस्पतालों की इमारत तैयार है लेकिन उन्हें शुरू नहीं किया गया है। इन सभी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और इन्हें शीघ्र शुरू करने की जरूरत है। इसी तरह से ज्यादा संख्या में आइसोलेशन केंद्र बनाए जाएं। पहले से मौजूद मोहल्ला क्लीनिक, सामुदायिक भवन, स्कूलों आदि की पहचान की जाए जिन्हें जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन केंद्र में परिवर्तित किया जा सके।

आइसोलेशन केंद्रों में आक्सीजन सिलेंडर व आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों पर से बोझ कम करने की जरूरत है। कोरोना महामारी ने इनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाला है। इसे ध्यान में रखकर स्वास्थ्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरकर उन्हें कोरोना महामारी से लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। तीसरी लहर को ध्यान में रखकर सरकार को गंभीरता दिखाना चाहिए जिससे कि दिल्लीवासियों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।