यूपी सरकार के मंत्री रवींद्र जायसवाल बोले, वैक्‍सीन के बाद भी बिना मास्‍क के न जाएं सार्वजनिक स्‍थानों पर


वाराणसी में आयोजित किया गया, सच के साथी-वैक्‍सीन के लिए हां' वेबिनार कार्यक्रम
वहीं वेबिनार में इंटरनल मेडिसिन में एमडी डॉक्‍टर अनंत पाराशर ने कहा कि यदि कोविड की बात करें तो जब मरीज का बुखार कम नहीं हो। सांस लेने में दिक्‍कत आए तो डॉक्‍टर की सलाह से अस्‍पताल में भर्ती होना बेहतर रहता है।

वाराणसी। आपने भले ही वैक्‍सीन लगवा लिया हो, फिर भी बिना मास्‍क के बाहर न निकलें। बिना मास्‍क के दुकानों में न बैठें। याद रखें मास्‍क के बिना सार्वजनिक स्‍थानों से दूर रहें। यह कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल का। उन्‍होंने विश्‍वास न्‍यूज के खास वेबिनार में यह बात वाराणसी के लोगों को संबोधित करते हुए कही। यूपी सरकार के मंत्री और वाराणसी के विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि वैक्‍सीन के प्रति लोगों में काफी जागरूकता बढ़ी है। इसमें मीडिया का बड़ा योगदान है। युवाओं की बड़ी तादाद वैक्‍सीन को लेकर आगे आ रही है। उम्‍मीद है कि जल्‍द ही 70 फीसदी आबादी को वैक्‍सीन लग जाएगी।

कोरोना वैक्‍सीनेशन के लिए वाराणसी के लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्‍वास न्‍यूज की ओर से शुक्रवार को 'सच के साथी-वैक्‍सीन के लिए हां' मीडिया साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वेबिनार में लोगों से रूबरू होते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉक्‍टर अशोक राय ने कहा कि वायरस अपना रूप बदलता रहा है। नए-नए वेरियंटस आते रहते हैं। कुछ खतरनाक होते हैं और कुछ नहीं। उपलब्‍ध वैक्‍सीन अब तक सभी म्‍यूटेशन में प्रभावशाली रही हैं। यह देखने में आया है कि वैक्‍सीन गंभीर बीमारी से बचाता है।

डॉक्‍टर राय का कहना है कि वायरस के म्‍यूटेशन के साथ हमें मास्‍क जरूर लगाना है। मास्‍क ही हमें बचाएगा। सोशल डिस्‍टेंसिंग को फॉलो करते रहें तो हम कोरोना से लड़ सकते हैं। उन्‍होंने बताया कि सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी को कोरोना हो जाता है तो उसे तीन महीने बाद वैक्‍सीन ले लेनी चाहिए।

वैक्सीन लगवाने के बाद हो सकते हैं ये लक्षण

वहीं, वेबिनार में इंटरनल मेडिसिन में एमडी डॉक्‍टर अनंत पाराशर ने कहा कि यदि कोविड की बात करें तो जब मरीज का बुखार कम नहीं हो। सांस लेने में दिक्‍कत आए तो डॉक्‍टर की सलाह से अस्‍पताल में भर्ती होना बेहतर रहता है। यह गंभीर लक्षण हैं। इन्‍हीं का ध्‍यान रखना है। उन्‍होंने कहा कि वैक्‍सीन लगवाने के बाद बुखार, उल्‍टी, सिर दर्द हो सकता है। इसका मतलब है कि वैक्‍सीन अपके शरीर में अच्‍छी तरह से काम कर रही है। इससे घबराने की आवश्‍यकता नहीं है। इससे कोई नुकसान नहीं है। तीन-चार दिन में ये लक्षण खत्‍म हो जाते हैं। इसका मतलब है कि आपकी बॉडी वायरस से लड़ने के लिए तैयार हो गई है। ये सामान्‍य लक्षण हैं।

वेबिनार में विश्‍वास न्‍यूज के फैक्‍ट चेकर्स के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, आईएमए के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष डॉक्‍टर अशोक राय, एमडी, इंटरनल मेडिसिन डॉक्‍टर अनंत पाराशर ने भी वैक्‍सीनेशन को लेकर अपनी बात रखी। आयोजन में वैक्‍सीन के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाते हुए भ्रांतियों और अफवाहों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। साथ में फेक न्‍यूज को पहचानने के लिए ऑनलाइन टूल के बारे में भी बताया गया। सच के साथी-वैक्‍सीन के लिए हां' कैंपेन के तहत वाराणसी में यह दूसरी वेबिनार थी। आईएफसीएन वैक्सीन ग्रांट प्रोग्राम के तहत विश्‍वास न्‍यूज देश के 12 शहरों के लिए 'सच के साथी-वैक्‍सीन के लिए हां' कार्यक्रम कर रहा है। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, पटना, मुजफ्फरपुर, रांची, जमशेदपुर, इंदौर, भोपाल शामिल है। यह कार्यक्रम 30 सितंबर तक चलेगा।