भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया, एक साल में दो वैक्सीन को लांच किया गया

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। पीएमओ ऑफिस के ट्विटर हैंडल से यह जानकारी साझा की गई है। हालांकि वह किस मुद्दे पर बोलेंगे इसकी अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

 नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। पीएमओ ऑफिस के ट्विटर हैंडल से यह जानकारी साझा की गई है। देश में कोरोना की स्थिति, टीकाकारण की धीमी रफ्तार, अनलॉक हो रहा भारत, अर्थव्यवस्था को लेकर चुनौती समेत कई अहम मसले हैं, जिनपर पीएम मोदी अपनी बात रख सकते हैं।  

- पीएम मोदी ने कहा, सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी। भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे।

- पीएम मोदी ने कहा, बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है। इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी। इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है।

- पीएम मोदी ने कहा, कोरेाना की दूसरी लहर की लड़ाई जारी है। अन्य देशों की तरह भारत इस पीड़ा से गुजरा है। कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है।

इस बीच कई राज्य सरकारों ने अपने यहां लॉकडाउन में नरमी बरतना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। मेट्रो, बाजार, दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं। बाजार में काफी भीड़ देखी गई। इससे लोगों को राहत मिली है। करीब डेढ़ से दो महीने से घरों में बंद लोगों को सरकार से राहत की उम्मीद है। पीएम मोदी अपने संबोधन में अनलॉकिंग प्रक्रिया पर संवाद कर सकते हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर सकते हैं। 

ज्ञात हो कि देश में कोरोना के नए केस की संख्या एक लाख तक पहुंची है। वहीं, एक्टिव केस की संख्या 15 लाख से नीचे आ गई है। ऐसे में देश के आर्थिक पहिए को रफ्तार देने के लिए लॉकडाउन में छूट देते हुए अनलॉक करना बेहद जरूरी है। हालांकि, इसके साथ ही कोविड-19 से सतर्क रहने की भी जरूरत है। क्‍योंकि विशेषज्ञ कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर के बारे में चेतावनी दे चुके हैं। कुछ समय पहले ही पीएम मोदी ने कई सेक्टर्स के साथ बैठक की थी। इन बैठकों में उन्‍होंने आने वाले समय में क्या नीति होनी चाहिए, इस पर गहन चिंतन किया था।