श्रम आयुक्त प्रतीक झाझड़िया तीन लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार


श्रम आयुक्त प्रतीक झाझड़िया तीन लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार। फाइल फोटो

 झाझड़िया को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। झाझड़िया वर्तमान में राजस्थान के श्रम आयुक्त के पद पर कार्यरत है। शुक्रवार देर रात कार्रवाई की गई। उसे गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को भी उसके ठिकानों पर जांच जारी रही है।

 संवाददाता, जयपुर। भारतीय डाक सेवा के अधिकारी प्रतीक झाझड़िया को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। झाझड़िया वर्तमान में राजस्थान के श्रम आयुक्त के पद पर कार्यरत है। श्रम आयुक्त के पद पर एक साल पहले तक आइएएस अधिकारियों की ही नियुक्ति होती थी, लेकिन अपने राजनीतिक संबंधों के कारण झाझड़िया राज्य में डेपुटेशन पर आया हुआ है। मूल रूप से झुंझुनूं निवासी झाझड़िया भारतीय डाक सेवा में वर्ष 2011 का बैच का अफसर है। राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि झाझड़िया दलालों के माध्यम से रिश्वत लेता है। इस पर शुक्रवार देर रात कार्रवाई की गई। उसे गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को भी उसके ठिकानों पर जांच जारी रही।

झाझड़िया को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। जयपुर के वैशाली नगर में गांधी पथ स्थित उसके आवास पर तलाशी में कई अहम दस्तावेज मिले हैं। संपत्तियों की जानकारी भी मिली है। वह रिश्वत की रकम मासिक दलालों के माध्यम से श्रम विभाग के अफसरों से वसूल करता था। श्रम विभाग के अफसर अच्छी पोस्टिंग लेने, अपने खिलाफ चल रही जांच को खत्म कराने के लिए रिश्वते देते थे। एसीबी ने इस मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक रवि मीणा है। मीणा आर्थिक सलाहकार परिषद में विशेषाधिकारी पद पर कार्यरत है। दूसरा अमित शर्मा है, जो व्यापार करता है। एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि कई दिनों से मिल रही शिकायत के बाद तीनों पर नजर रखी जा रही थी। शनिवार को दलाल झाझड़िया को पैसे देने पहुंचा तो एसीबी की टीम ने पकड़ लिया। झाझड़िया और दो अन्य के पकड़े जाने के बाद एसीबी की टीम ने सवाईमाधोपुर के श्रम कल्याण अधिकारी शिवचरण मीणा और करौली के श्रम कल्याण अधिकारी रमेश मीणा के दफ्तर व घर में भी तलाशी ली है। सोनी ने बताया कि रविवार तक सभी आरोपितों की संपत्ति और रिश्वत के खेल का खुलासा हो जाएगा।