अमेरिकी सांसद चाहते हैं भारत को अधिक मात्रा में मिले कोरोना वैक्‍सीन, किया अनुरोध


अमेरिकी सांसदों ने किया भारत को ज्यादा वैक्सीन देने का अनुरोध

अमेरिकी सांसद चाहते हैं कि भारत को कोरोना वैक्‍सीन की डोज अधिक मात्रा में मुहैया करवाई जाएं। उन्‍होंने इसकी मंशा ऐसे समय में जाहिर की है जब अमेरिका ने आठ करोड़ से अधिक डोज विश्‍व को देने की बात कही है।

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिका के कई सांसदों ने बाइडन प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि भारत को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन और चिकित्सा सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि भारत में संकट की स्थिति है और अपने निकट सहयोगी की मदद करना अमेरिका की जिम्मेदारी है।

अमेरिकी सांसदों ने भारत को ज्यादा वैक्सीन देने का अनुरोध ऐसे समय में किया है, जब राष्ट्रपति जो बाइडन पहली खेप में 2.5 करोड़ डोज टीके दक्षिण, दक्षिण पूर्व एशिया और अफ्रीका के देशों को देने का एलान कर चुके हैं। इन देशों को जून के आखिर तक टीके दे दिए जाएंगे। बाइडन ने वैश्विक रूप से आठ करोड़ डोज टीके देने का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि कई देशों को ये टीके संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैक्स अभियान के तहत दिए जाएंगे।

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबाट ने कहा, भारत में स्थिति गंभीर है और बाइडन को ज्यादा कदम उठाने की आवश्यकता है। इस वायरस से मुकाबले में हमारे सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार की मदद के लिए ज्यादा वैक्सीन और चिकित्सा आपूर्ति की जरूरत है। एक ट्वीट में रिपब्लिकन गवर्नर ने अमेरिकी नागरिकों से भारत के लिए प्रार्थना करने में साथ देने की अपील की।

रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने कहा कि भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण मित्र है। बाइडन का वैक्सीन बांटने का कार्यक्रम दोषपूर्ण है। हमें भारत जैसे अपने सहयोगियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत को वैक्सीन मिले, जिसकी उसे सख्त जरूरत है। एक अन्य सांसद माइकल मैक्कोल ने कहा, यह देखकर खुशी हो रही है कि जरूरत के इस समय में भारत को वैक्सीन और अन्य चिकित्सा सामग्री भेजी जाएगी।

आपको बता दें कि पिछले वर्ष जब महामारी ने पूरे विश्‍व को अपनी पकड़ में ले लिया था, तब अमेरिका के अनुरोध पर भारत ने उसको हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन समेत रेमडेसिविर दवा भी मुहैया कवाई थी। इसी तरह की मदद भारत ने ब्राजील समेत अन्‍य देशों को भी भेजी थी। यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि कोरोना की दूसरी लहर में भारत के लोग अधिक प्रभावित हुए हैं और इस लहर के दौरान दवाओं समेत अन्‍य जीवन रक्षक उपकरणों की भी काफी कमी देखी गई। इस कमी को देखते हुए कई देशों ने भारत को मदद मुहैया करवाई है।