पूर्व सांसद बहादुर सिंह कोली बोले, वसुंधरा राजे के बिना भाजपा का सत्ता में आना मुश्किल


पूर्व सांसद बहादुर सिंह कोली बोले, वसुंधरा राजे के बिना भाजपा का सत्ता में आना मुश्किल। फाइल फोटो

पूर्व सांसद बहादुर सिंह कोली ने भरतपुर में कहा कि वसुंधरा राजे के बिना राज्य में भाजपा का सत्ता में आना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा का नेतृत्व अगर वसुंधरा के हाथ में होता तो अशोक गहलोत सरकार पिछले साल ही गिर गई होती।

 संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के भाजपा नेताओं में तकरार बढ़ती जा रही है। एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी तेज हो गई। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के बाहर लगे होर्डिंग से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का फोटो हटाए जाने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी है। वसुंधरा के समर्थक इस पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जता रहे हैं। पूर्व सांसद बहादुर सिंह कोली ने बृहस्पतिवार को भरतपुर में कहा कि वसुंधरा राजे के बिना राज्य में भाजपा का सत्ता में आना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा का नेतृत्व अगर वसुंधरा के हाथ में होता तो अशोक गहलोत सरकार पिछले साल ही गिर गई होती। उस समय वसुंधरा को विश्वास में नहीं लिया गयाृ। उन्होंने कहा कि अब गहलोत सरकार नहीं गिर सकती, क्योंकि सचिन पायलट गुट के कई विधायक गहलोत के संपर्क में हैं। अब गहलोत सरकार के गिरने की संभावना बिल्कुल नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जिस तरह से विवाद है, उसमें भी भाजपा आक्रामक विपक्ष की भूमिका नहीं निभा सकी। कोली ने कहा कि जिनके नेतृत्व में राज्य भाजपा की कमान है। वे कांट-छांट में लगे हैं। सभी नेता खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा मान रहे हैं। जबकि यहां एकमात्र चेहरा वसुंधरा हैं। पूर्व संसदीय सचिव प्रहलाद गुंजल और पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत की तरह कोली ने भी कहा कि राजस्थान में वसुंधरा ही भाजपा और भाजपा ही वसुंधरा है।

गौरतलब है कि राजस्थान भाजपा में खेमेबाजी तेज होती जा रही है। खेमेबाजी के बीच पूर्व संसदीय सचिव प्रहलाद गुंजल ने बुधवार को कहा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे जितना बड़ा कद किसी भाजपा नेता का नहीं है। उनके कद में साथ मन भी बड़ा है। गुंजल ने एक बातचीत में कहा कि वसुंधरा को आगे रखें बिना भाजपा सत्ता में नहीं आ सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा में जितने भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, वे कभी मुख्य धारा की राजनीति में नहीं रहे उनका कद मेरे जितना बड़ा है। गुंजल ने कहा कि दिग्गज नेता स्व.भैरोंसिंह शेखावत भी कभी पार्टी को पूर्ण बहुमत में नहीं ला सके थे, लेकिन वसुंधरा राजे के नेतृत्व में दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। आज की तारीख में उनका कोई मुकाबला नहीं है।