असम: अस्पताल से कोरोना पॉजिटिव कैदी हुआ फरार, पुलिस तलाश में जुटी

 


कैदियों का भाग जाना जेल अधिकारियों के लिए एक नया सिर दर्द बन रहा है

असम के कार्बी आंगलोंग जिले मे स्थित दीफू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कोरोना वार्ड कर्मचारी और असम पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में कोरोना का इलाज करवा रहा एक कैदी फरार हो गया। कोरोना संक्रमित कैदी के फरार होने की सूचना असम पुलिस ने दी है।

दीफू (असम),पीटीआई। पूरे देश में कोरोना वायारस संक्रमण के प्रसार को रोकने में भारत सरकार पूरी क्षमता के साथ कोशिश कर रही है। कोरोना से जेल के कैदी भी अछूते नहीं रहे है। कोरोना संक्रमण से पहले ही काफी जेल प्रशासन परेशान हैं। ऐसे में कैदियों का भाग जाना जेल अधिकारियों के लिए एक नया सिर दर्द बन रहा है।

असम के कार्बी आंगलोंग जिले मे स्थित दीफू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कोरोना वार्ड कर्मचारी और असम पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में कोरोना का इलाज करवा रहा एक कैदी फरार हो गया। कोरोना संक्रमित कैदी के फरार होने की सूचना असम पुलिस ने दी है। असम पुलिस ने कहा कि कैदी का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया था, उसे गुरुवार दोपहर कोरोना वार्ड में भर्ती करवा दिया गया था। शुक्रवार रात वह अस्पताल से फरार हो गया।

कैदी को 12 जून को दीफू थाना क्षेत्र के माटीपुंग से गिरफ्तार किया गया था। कैदी के पास से भारी मात्रा में ड्रग्स मिला था । वह अभी न्यायिक हिरासत में था। पुलिस ने कैदी को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू करक दिया है।

कोरोना पॉजिटिव कैदियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले रेवाड़ी में कोविड जेल से 13 कैदी फरार हो गए थे। तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोरोना से कैदियों को बचाने के लिए लगभग 4 हजार कैदियों को इमरजेंसी परोल और अंतरिम जमानत पर छोड़ा है। अब जेल में करीब 16,500 कैदी ही है।

देश की हर जेल से कोरोना संक्रमित कैदियों की खबरें आने लगी है। कैदियों में कोरोना को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। कैदी जेल के अंदर एक दूसरे से सटकर रहते है। तो क्या वहा भी 'दो गज़ की दूरी, मास्क है ज़रूरी' का नियम मुमकिन हो पाएगा। सभी जेल प्रशासन कोरोना से लड़ने में जुटा हुए है।