कोरोना से मृत सरकारी कर्मियों के स्वजन की मदद के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश

 


कोरोना काल में पेंशन-ग्रेच्युटी के जल्द भुगतान के लिए केंद्र ने लिखा पत्र

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव इंदीवर पांडेय ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को जारी पत्र में कहा है कि नोडल अधिकारी का विवरण मंत्रालयों विभागों संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों की वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जा सकते हैं।

नई दिल्ली, प्रेट्र। कोरोना से जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के स्वजन की कागजी कार्यवाही में मदद करने और पेंशन व ग्रेच्युटी के जल्द भुगतान में समन्वय के लिए केंद्र सरकार ने अपनी सभी विभागों को नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने का आदेश दिया है।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव इंदीवर पांडेय ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को जारी पत्र में कहा है कि नोडल अधिकारी का विवरण मंत्रालयों, विभागों, संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों की वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जा सकते हैं।

पत्र में उनका कहना है, 'जैसा आप जानते हैं कि कोरोना की हालिया लहर में बहुत कम सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई है। कई मामलों में मृत कर्मचारी और अधिकारी परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनकी असामयिक मौत से उनके परिवारों पर गहरा असर पड़ा है और महामारी के इस दौर में उन्हें पैसों की तत्काल जरूरत है। लिहाजा यह सरकार का दायित्व है कि वह मृत कर्मचारियों के परिवारों को पारिवारिक पेंशन और उनके अन्य वित्तीय अधिकार जल्द से जल्द जारी करना सुनिश्चित करे।'

पत्र के मुताबिक, नोडल अधिकारी निदेशक या उपसचिव स्तर से नीचे का अधिकारी नहीं होना चाहिए। पांडेय ने यह भी कहा है कि स्वजन के दावा प्रस्तुत करने के बाद कागजी कार्यवाही पूरी होने तक उन्हें सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के नियम 80ए के तहत अस्थायी पारिवारिक पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान किया जा सकता है। पत्र के अनुसार, सेवा के दौरान सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर सभी मामलों में शुरुआती 10 साल तक अंतिम वेतन का 50 फीसद और उसके बाद अंतिम वेतन का 30 फीसद का भुगतान पारिवारिक पेंशन के रूप में किया जाएगा