जिंदा है अल-कायदा प्रमुख अल-जवाहिरी, पाकिस्तानी सीमा इलाके में छिेपे होने की आशंका; रिपोर्ट में खुलासा

 


अभी जिंदा है अल-कायदा प्रमुख अल-जवाहिरी ?।(फोटो: दैनिक जागरण/फाइल)

इससे कुछ महीने पहले अफगानिस्तान में आतंकवादी संगठन अल-कायदा के प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी (Ayman al-zawahiri) की मौत की खबर जरूर आई थी।. हालांकि अल-कायदा चीफ के कथित मौत की पुष्टि कभी नहीं हो पाई। अब रिपोर्ट आई है कि शाय़द वो अभी जिंदा है।

संयु्क्त राष्ट्र, प्रेट्र। दुनिया का सबसे बड़े आतंकी संगठन अल-कायदा का प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी अभी भी जिंदा है और शायद वो अभी पाकिस्तानी सीमा इलाके में छिपा हुआ है। इस बात की आशंका जताई है संयुक्त राष्ट्र ने। संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े लोगों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में रह रहा है, जिसमें अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी (Ayman al-zawahiri) भी शामिल है, जो शायद जिंदा है लेकिन वो अभी बहुत कमजोर हालत में है।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी संख्या में अल-कायदा आतंकी अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर छिपे हुए हैं। इनमें अल-कायदा का सरगना अयमान अल-जवाहिरी भी शामिल है। जवाहिरी संभवत: जिंदा है, लेकिन इतना कमजोर हो गया है कि प्रचार में नहीं दिखाया जा सकता।रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी संख्या में अल-कायदा आतंकियों और अन्य विदेशी चरमपंथियों ने तालिबान के साथ गठबंधन कर लिया है और वे अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में छिपकर रह रहे हैं।जवाहिरी के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब स्वास्थ्य के चलते उसकी मौत की खबर की पुष्टि नहीं हो सकी है और वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाके में छिपा हुआ है। निकट भविष्य में अल-कायदा की रणनीति अपने शीर्ष आतंकियों के लिए अफगानिस्तान को सुरक्षित ठिकाना बनाए रखने की है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लंबी अवधि के लिए आतंकी संगठन की रणनीति यह है कि कुछ समय के लिए अपनी गतिविधियों को बंद रखा जाए। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों पर हमला किया जाए। यह परिदृश्य तालिबान की ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की प्रतिबद्धता के खिलाफ है। इस क्षेत्र में अल-कायदा के कुछ दर्जन से लेकर 500 तक आतंकी हो सकते हैं। इस संगठन के मुख्य सदस्य गैर-अफगानी मूल के हैं। इनमें ज्यादातर आतंकी उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर तालिबान और अल-कायदा के बीच नियमित संवाद होता रहता है।